बालाघाट में 60 फीट का रावण जलेगा: दशहरा स्थल का निरीक्षण, सुरक्षा-यातायात पर प्रशासन का जोर – Balaghat (Madhya Pradesh) News

बालाघाट में 60 फीट का रावण जलेगा:  दशहरा स्थल का निरीक्षण, सुरक्षा-यातायात पर प्रशासन का जोर – Balaghat (Madhya Pradesh) News


60 साल से अधिक समय से बालाघाट में हो रहे दशहरा पर्व पर रावण दहन के आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस वर्ष 2 अक्टूबर को दशहरा मैदान में होने वाले इस आयोजन में लगभग दो से पांच हजार लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए, आयोजकों और प्रशासन ने मि

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अधिकारियों ने किया मैदान का निरीक्षण, सुरक्षा और सुविधा पर जोर

मंगलवार को एसडीएम गोपाल सोनी, सीएसपी वैशाली सिंह कराहलिया, और नगर पालिका सीएमओ बी.डी. कतरोलिया की टीम ने दशहरा मैदान में चल रही तैयारियों का जायजा लिया।

इस बार 60 फीट का रावण और 55-55 फीट के मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। अधिकारियों ने पुतलों के निर्माण के साथ ही मैदान में आने वाले लोगों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को देखा।

नई व्यवस्थाएं: लाइटिंग और प्रवेश मार्ग में बदलाव

हालांकि नगर के बूढ़ी और गायखुरी क्षेत्रों में भी अब रावण दहन के कार्यक्रम होने लगे हैं, फिर भी मुख्य दशहरा चल समारोह और रावण दहन देखने आने वालों की संख्या काफी अधिक होती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने इस बार निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:

  • व्यापक प्रकाश व्यवस्था: पूरे मैदान और आसपास के 100 मीटर से अधिक क्षेत्र को बिजली की रोशनी से कवर किया जाएगा।
  • प्रवेश मार्ग परिवर्तन: रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के दहन के लिए आने वाली श्रीराम शोभायात्रा और हनुमान स्वरूप का प्रवेश मार्ग लाइब्रेरी एंड से किया गया है।
  • सुरक्षा व्यवस्था: मैदान में मेडिकल और फायर टीमें मौजूद रहेंगी।
  • अतिक्रमण पर सख्ती: रावण दहन देखने में बाधा बन रहे मैदान किनारे के अतिक्रमण को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं।

एसडीएम गोपाल सोनी ने बताया कि रावण दहन के दौरान कैंपस में प्रवेश करने वाली श्रीराम शोभायात्रा और हनुमान स्वरूप के साथ, केवल 20 से 25 स्वयंसेवकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। आयोजक महावीर सेवादल समिति को ड्रेस कोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उनकी पहचान हो सके।

हनुमान स्वरूप धारण करने की विशेष तैयारी

दशहरा चल समारोह की व्यवस्था महावीर सेवादल समिति देख रही है। इस वर्ष पहली बार, प्रशासनिक तौर पर तुषार उपाध्याय को हनुमान जी का स्वरूप धारण करने के लिए मनोनीत किया गया है। लगभग 40 किलो वजनी यह स्वरूप धारण करने वाले साधक, दशहरा के दो महीने पहले और नवरात्र से मंदिर में तपस्या में जुट जाते हैं।

पिछले वर्ष बूढ़ी से हनुमान स्वरूप के मुख्य समारोह तक आ जाने से हुई दिक्कत को देखते हुए, इस बार बूढ़ी क्षेत्र में ही बैरिकेडिंग कर हनुमान स्वरूप को मुख्य समारोह में आने से पहले रोका जाएगा, ताकि भीड़ और अव्यवस्था जैसी स्थिति न बने।



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