Gandhi Jayanti 2025:भगवान की तरह पूजे जाते हैं बापू, गांधी भक्त रोज लगाते मंदिर में जयकारा, 100 सालों से यहां विराजमान!

Gandhi Jayanti 2025:भगवान की तरह पूजे जाते हैं बापू, गांधी भक्त रोज लगाते मंदिर में जयकारा, 100 सालों से यहां विराजमान!


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Sagar Gandhi Ji Mandir: बुंदेलखंड के सागर मेे एक अनोखा मंदिर है जहां महात्मा गांधी स्थापित हैं और गांधी भक्त के द्वारा रोजाना सुबह शाम उनकी पूजा अर्चना की जाती है. यह मंदिर करीब 100 साल पुराना है.

अनुज गौतम, सागर: भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 2 अक्टूबर को पूरे देश में जन्म जयंती मनाई जाती है. अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले और स्वतंत्रता आंदोलन को चलाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी साल 1933 में सागर भी आए थे. और उनकी याद में उस समय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के द्वारा यहां पर एक मंदिर भी बनाया गया था. यहां तक की उसमें मूर्ति स्थापित कर पूजा अर्चना की जाती है. 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन सुबह 5:00 से गांव के लोग रघुपति राघव राजा राम के नाम से पूरे नगर में प्रभात फेरी निकालते हैं फिर यहां पर दिया बत्ती कर गांधी जी को याद किया जाता है उनके संस्मरण सुनाये जाते है. गांधी जयंती पर सभी स्कूलों के बच्चे रैली निकालते हुए इस मंदिर तक पहुंचाते हैं और उनके नाम के नारे लगाते हैं.

सागर में यह गांधी मंदिर देवरी नगर में स्थित है, और यहां गांधी भक्ति राजू दीक्षित पिछले 13 सालों से नियमित सुबह-शाम पूजा अर्चना कर रहे हैं. उनके लिए यही सब कुछ है वह सुबह से अकेले ही रघुपति राघव राजा राम का कीर्तन करते हुए पूरे नगर में निकलते हैं. यहां पर गांधी जी का हाफ स्टैचू स्थापित है.

गांधी भक्त राजू दीक्षित बताते हैं कि पहले यहां पर गांधी जी की 6 फीट की प्रतिमा लगी हुई थी लेकिन देखरेख के अभाव में और सामाजिक तत्वों का डेरा होने की वजह से उनकी प्रतिमा को खंडित कर दिया गया था. कुछ साल तक यह मंदिर खाली रहा लेकिन साल 2012 में यहां पर दोबारा प्रतिमा की स्थापना हुई यहां पर सभी लोग आए हुए थे तो कुछ लोगों ने कहा कि जिस तरह पहली मूर्ति टूट गई थी उसी तरह दोबारा भी इसका यह हाल हो जाएगा तब गांधी भक्त राजू दीक्षित ने कसम खाई थी कि जब तक वह जीवित रहेंगे तब तक इस मंदिर में सेवा करते रहेंगे. उसी दिन से वह रोजाना गांधी मंदिर पहुंचकर साफ सफाई करते हैं दिया बत्ती करते हैं. राजू दीक्षित के द्वारा यहां आजादी से जुड़े हुए सभी महापुरुषों के चित्र मंदिर के अंदर लगाए गए हैं इसके अलावा जो नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी है उनके भी यहां पर चित्र हैं अब जब भी किसी महापुरुष या स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की जयंती और पुण्यतिथि होती है तो इस मंदिर में उनके द्वारा मनाया जाता है.

राजू दीक्षित बताते हैं कि उनके चार भाई तीन बहन है छोटे भाइयों और बहनों की शादी हो गई मेरे ऊपर परिवार की जिम्मेदारी थी मैं शादी नहीं की थी अब मैं कुछ नहीं करता हूं केवल गांधी जी की सेवा करता हूं मेरे भाई मेरा खर्च उठाते हैं.

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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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