गुना जिले के राघौगढ़ इलाके से चार महीने से गायब नाबालिग को पुलिस ने बरामद कर लिया है। वह राजस्थान के बारां जिले के पाली इलाके में मिली। पुलिस ने उसे बरामद कर बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किया, जहां से उसे परिवार वालों को सौंप दिया गया है।
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राघौगढ़ पुलिस ने बताया कि SP अंकित सोनी के निर्देशन में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण और गुम होने संबंधी प्रकरणों को संवेदनशीलता से लेकर इन अपराधों में कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में, ASP मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी राघौगढ़ दीपा डोडवे के नेतृत्व में राघौगढ़ थाना पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई।
21 जून को पिता ने की थी शिकायत बता दें कि 21 जून को एक पिता की ओर से अपनी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 20 जनवरी को उनकी 16 वर्षीय बेटी घर से बिना बताए कहीं चली गई। उसे परिवार वालों, रिश्तेदारों सहित सब जगह तलाश किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। उसकी शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी मदद और मुखबिर तंत्र से मिली लोकेशन पुलिस ने नाबालिग की तलाश शुरू की। इसमें विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई। साथ ही अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया, जिससे मिली जानकारी के आधार पर बालिका की तलाश में पुलिस ने कड़ी से कड़ी मिलाकर सभी संभावित जगहों पर उसे खोजने के प्रयास किये। इसके परिणाम स्वरूप नाबालिग के राजस्थान में बांरा जिले के पाली थाना क्षेत्र में होने की जानकारी मिली।
राजस्थान से बरामद कर CWC को सौंपा सूचना मिलने पर राघौगढ़ थाने से पुलिस की एक टीम राजस्थान रवाना हुई। वहां प्रभावी कार्यवाही कर प्रकरण में करीब 4 महीने से लापता नाबालिग को पाली थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया गया। नाबालिग को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ नीरू शर्मा व समिति द्वारा कार्यवाही करते हुए बालिका को उसके परिजनों को सौंप दिया है।
कार्रवाई में इनकी रही भूमिका राघौगढ थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी ट्रेनी डीएसपी आनंद कुमार राय, जंजाली चौकी प्रभारी SI अभिषेक तिवारी, प्रेमपाल सिंह सिकरवार, पूजा विश्वकर्मा, आरक्षक पपेन्द्र रावत, अमित जाट, महिला आरक्षक मोहिनी सैनी और साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव की भूमिका रही।