छठ महापर्व पर महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया: महिलाओं ने पति की दीर्घायु और समृद्धि की कामना की – Gwalior News

छठ महापर्व पर महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया:  महिलाओं ने पति की दीर्घायु और समृद्धि की कामना की – Gwalior News



ग्वालियर में छठ महापर्व पर महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। उन्होंने अपने पति की दीर्घायु और परिवार की समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूजा स्थलों पर छठी मैया से प्रार्थनाएं की गईं। अर्घ्य देने के लिए कटोराताल सहित अलग-अलग घाटों पर बड़ी सं

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बता दें कि कटोराताल के अतिरिक्त दीनदयाल नगर समेत शहर में कई अस्थायी घाट बनाए गए थे। इन सभी स्थानों पर महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।

शताब्दीपुरम स्थित दंदरौआ धाम में भी महिलाओं ने कुंड में छठ पूजा कर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया।

महाराजपुरा, आदित्यपुरम, पिंटो पार्क और दीनदयाल नगर सहित सभी अस्थायी घाटों पर दोपहर 3 बजे से ही व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। पुरुष अपने सिर पर पूजा का सामान सूप में रखकर ले जा रहे थे, जबकि उनके पीछे महिलाएं और परिवार के अन्य सदस्य भजन गाते हुए घाटों की ओर बढ़ रहे थे।

छठ पूजा में सूर्यदेव की उपासना और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। षष्ठी तिथि पर व्रती महिलाओं ने बांस की टोकरी में सभी पूजन सामग्री रखी। इसके बाद सूप में प्रसाद रखकर दीपक जलाया और डूबते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य देकर प्रणाम किया।

नाक से लेकर मांग तक सिंदूर लगाने की प्रथा

हिंदू धर्म में सिंदूर सुहाग का प्रतीक होता है। वैसे तो महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए मांग में सिंदूर लगाती हैं, लेकिन छठ पूजा के दिन नाक से लेकर मांग तक सिंदूर लगाने की प्रथा होती है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए मांग में नारंगी सिंदूर लगाती हैं। माना जाता है कि अगर कोई महिला इस दिन नाक से सिर तक लंबा सिंदूर लगाए तो उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पति दीर्घायु होता है।



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