बालाघाट पुलिस की एक टीम को सिवनी में जांच के दौरान धमकी देने और धक्का-मुक्की करने का मामला सामने आया है। यह घटना कोतवाली थाने के मालखाना चोरी केस से संबंधित है।
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सोमवार को इस मामले में उपनिरीक्षक अमित अग्रवाल की शिकायत पर सिवनी कोतवाली पुलिस ने सात नामजद सहित 8-10 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
यह घटना 19 अक्टूबर को सिवनी के भैरोगंज में हुई थी। मालखाना चोरी मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी के सदस्य उपनिरीक्षक अमित अग्रवाल अपनी टीम के साथ प्रधान आरक्षक योगेश राजपूत से पूछताछ करने गए थे।
आरोप है कि पूछताछ में सहयोग न करने पर योगेश राजपूत और उनके साथियों ने पुलिस टीम के साथ शासकीय कार्य में बाधा डाली, अश्लील गालियां दीं, धक्का-मुक्की की और जान से मारने की धमकी दी।
ये है पूरा मामला
यह पूरा मामला बालाघाट कोतवाली थाने के मालखाने से जुड़ा है। यहां निलंबित प्रधान आरक्षक राजीव पंद्रे ने विभिन्न आपराधिक मामलों में जब्त 55 लाख रुपए से अधिक की नकदी और लाखों रुपए के जेवर चुराकर जुए में हार दिए थे।
इस चोरी का खुलासा तब हुआ जब एक महिला फरियादी अदालत के आदेश पर जब्त की गई अपनी रकम लेने थाने पहुंची।
इसके बाद पुलिस ने राजीव पंद्रे को निलंबित कर गिरफ्तार किया। उसकी जानकारी के आधार पर सिवनी के जुआरी विवेक श्रीवास्तव उर्फ लाला और जुए में शामिल ऋतुराज और हेमराज को भी गिरफ्तार किया गया था।
विवेक उर्फ लाला से पूछताछ के दौरान ही एसआईटी को सिवनी निवासी पुलिसकर्मी योगेश राजपूत की संलिप्तता का पता चला था, जिसके बाद उपनिरीक्षक अमित अग्रवाल अपनी टीम के साथ सादे कपड़ों में सिवनी गए थे।
जिसमें पुलिस ने एक सप्ताह बाद सात नामजद और अन्य 8-10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।



