पुलिसकर्मियों, डायल-112 पायलटों को मिला सीपीआर प्रशिक्षण: आपातकालीन स्थितियों में जान बचाने के तरीके सिखाए – Burhanpur (MP) News

पुलिसकर्मियों, डायल-112 पायलटों को मिला सीपीआर प्रशिक्षण:  आपातकालीन स्थितियों में जान बचाने के तरीके सिखाए – Burhanpur (MP) News


पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर बुरहानपुर में शनिवार को रेणुका पुलिस लाइन में सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण हुआ।यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के मार्गदर्शन में हुआ।इसमें डॉक्टरों की टीम ने डायल-112 वाहन के पायलटों

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सीपीआर एक जरूरी पहली मदद (प्राथमिक उपचार) की प्रक्रिया है।अगर किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाए, तो सीपीआर देकर उसकी जान बचाई जा सकती है।कई बार पुलिसकर्मियों ने मौके पर सीपीआर देकर लोगों की जान बचाई है।

पुलिसकर्मियों को यह प्रशिक्षण जरूरी

डायल-112 की टीम और पुलिसकर्मी अक्सर घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचते हैं।ऐसे में अगर वे सीपीआर देना जानते हों, तो घायल या बेहोश व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।

पुलिस मुख्यालय ने आदेश दिया है कि प्रदेश के हर जिले में डायल-112 की टीम और पुलिसकर्मियों को सीपीआर सिखाया जाए।इसी के तहत बुरहानपुर में यह प्रशिक्षण हुआ।

डॉक्टरों ने दी जानकारी और दिखाया तरीका

प्रशिक्षण के दौरान जिला अस्पताल के डॉक्टर महेंद्र पडवाल, शुभम ओसवाल और राम शास्त्री ने बताया कि सीपीआर बहुत जरूरी प्रक्रिया है।इससे किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुकने पर तुरंत मदद मिलती है।

कैसे किया जाता है सीपीआर

सीपीआर कोई दवा नहीं है, बल्कि यह एक शारीरिक प्रक्रिया है।इसमें व्यक्ति की छाती को दबाया जाता है, ताकि खून का संचार दोबारा शुरू हो जाए और दिल फिर से धड़कने लगे। कार्यक्रम में डॉक्टरों ने इसका डेमो (प्रदर्शन) भी किया।

सीन पर दोनों हाथों से प्रेस कर हार्ट अटैक से जान जाने के जोखिम को कम किया जाता है।



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