SIR सर्वे पर बोले शहर काजी नदवी: यह पहचान की प्रक्रिया है, इससे डरने की नहीं संजीदगी से सहयोग की जरूरत है – Bhopal News

SIR सर्वे पर बोले शहर काजी नदवी:  यह पहचान की प्रक्रिया है, इससे डरने की नहीं संजीदगी से सहयोग की जरूरत है – Bhopal News


राजधानी के शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे सरकार द्वारा चलाए जा रहे SIR (Socio Economic and Identity Registration) सर्वे को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रम में न रहें। उन्होंने कहा कि यह एक कानूनी और जरूरी प्रक्रिया

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काजी नदवी ने कहा कि हम मुसलमानों और शहर के नागरिकों से कहना चाहते हैं कि एसआईआर के तहत जब सरकारी कर्मचारी या अधिकारी आपके घर आएं, तो पूरा सहयोग करें। जो दस्तावेज मांगे जाएं, उन्हें ईमानदारी से उपलब्ध कराएं। अगर आप घर पर नहीं हैं तो अपने घर के जिम्मेदार लोगों को पहले से बता दें कि अधिकारी आने पर दस्तावेज उपलब्ध कराएं।

यह डरने का नहीं, जिम्मेदारी निभाने का काम है काजी नदवी ने कहा कि समाज में एसआईआर को लेकर डर या अफवाहें फैल रही हैं, जबकि ऐसा होना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि हर देश का नागरिक अपनी पहचान का कार्ड बनवाता है। यह कोई नया या डरने वाला काम नहीं है। बल्कि यह अपने देश की नागरिकता साबित करने और पहचान को मजबूत करने का तरीका है।

अगर आज हमने कोताही की तो कल पहचान संबंधी परेशानी आ सकती है। उन्होंने आगे कहा कि हमें डरने की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से इस काम में भाग लेने की जरूरत है। अगर आपने आज यह काम नहीं किया तो भविष्य में खुद आपको दिक्कत होगी। इसलिए संजीदगी से एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करें।

मोहल्लों में चलाएं जागरूकता अभियान काजी नदवी ने मुस्लिम समाज की तंजीमों और नौजवानों से भी अपील की कि वे मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि मोहल्लों में जाकर लोगों को बताइए कि एसआईआर क्या है, क्यों जरूरी है और किस तरह से इसमें सहयोग करना चाहिए। अगर कहीं कोई कानूनी या प्रशासनिक दिक्कत आती है तो उसे शांति और समझदारी से हल किया जाए।

शहर काजी मुश्ताक अली नदवी।

शहर काजी मुश्ताक अली नदवी।

क्या है एसआईआर सर्वे एसआईआर के तहत ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को एक गणना पत्रक (Enumeration Form) देंगे। इसमें नाम, पता, उम्र और EPIC नंबर (मतदाता पहचान पत्र नंबर) जैसी जानकारी भरनी होगी। अगर परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो गई है, कोई व्यक्ति बाहर शिफ्ट हुआ है या उसका नाम किसी दूसरे राज्य की मतदाता सूची में है, तो संबंधित विधानसभा प्रभारी (एसडीएम) इसकी जांच कर दस्तावेज मांगेंगे।

साल 2023 के बाद इस तरह से सर्वे साल 2003 के बाद पहली बार वोटर लिस्ट का डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। जिन लोगों के नाम 2003 की लिस्ट में नहीं हैं और वर्तमान लिस्ट में हैं, उन्हें बताना होगा कि परिवार में किसका नाम 2003 की लिस्ट में था। बीएलओ फॉर्म में दी गई जानकारी के आधार पर इसे वेरिफाई करेंगे। जानकारी सही होने पर ही नाम जुड़ेगा।

ऐसे समझें एसआईआर सर्वे बीएलओ वोटर्स को एक गणना पत्रक देंगे। जिसमें आपको अपनी पूरी जानकारी भरना होगी। इसमें नाम, पता, उम्र और EPIC नंबर जैसे जानकारी होगी। परिवार में किसी की मृत्यु होने, बाहर शिफ्ट हुए हैं या नाम दूसरे राज्य में दर्ज है। इन्हें संबंधित विधानसभा प्रभारी यानी एसडीएम नोटिस देकर दस्तावेज मांगेंगे। ये खबर भी पढ़ें…

‘SIR’ में लापरवाही…भोपाल में पहली बड़ी कार्रवाई

भोपाल में मंगलवार से वोटर लिस्ट के गहन परीक्षण यानी, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की शुरुआत हो गई। पहले दिन कलेक्टर से लेकर एसडीएम, तहसीलदार-नायब तहसीलदार, सुपरवाइजर और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) डोर-टू-डोर जाकर वोटर्स को फॉर्म देने में लगे रहे। इस काम में लापरवाही बरतने पर पहली बड़ी कार्रवाई भी की गई है।पढ़ें पूरी खबर



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