बड़वाह के समीप वन क्षेत्र में स्थित कोठावा आश्रम में शुक्रवार को नर्मदा नदी में एक महिला का शव मिला था। पुलिस लगातार शव की शिनाख्त के प्रयास कर रही थी। दो दिन बाद सोमवार को मृतका की पहचान 46 वर्षीय सुनंदा मैडम निवासी पुणे के रूप में हुई। उनके पति प्र
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दंपत्ति 6 नवंबर को पुणे से ओंकारेश्वर के लिए निकले थे। सुनंदा को नर्मदा परिक्रमा पर जाना था और प्रवीण उन्हें छोड़ने आए थे। वे 7 नवंबर को ओंकारेश्वर पहुंच गए थे, लेकिन उसके बाद से उनका फोन बंद आ रहा था।
स्नान करते समय हादसे की आशंका
आशंका है कि गोमुख घाट पर अलसुबह अंधेरे में नहाने के दौरान यह हादसा हुआ होगा। प्रवीण के शव पर केवल अंतर्वस्त्र थे। ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों एक साथ नहाते समय या एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में हादसा हो गया।
हादसे के बाद पत्नी का शव नर्मदा में बहते हुए कोठावा आश्रम के किनारे पहुंच गया, जबकि पति का शव ओंकारेश्वर में ही पत्थरों के बीच फंस गया था, जो रविवार सुबह नर्मदा में दिखाई दिया।
तस्वीर उस वक्त की है जब दोनों पुणे से ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुए थे।
साले ने की जीजा और बहन की शिनाख्त
मृतका के भाई उमेश वग्गा सोमवार सुबह ओंकारेश्वर पहुंचे। उन्होंने अपने जीजा प्रवीण के शव की शिनाख्त की।बड़वाह पुलिस से मिली शव की फोटो के आधार पर उन्होंने अपनी बहन सुनंदा को भी पहचान लिया। इस मामले में मान्धाता और बड़वाह दोनों पुलिस जांच कर रही हैं।
पुणे में है कॉस्मेटिक शॉप
उमेश ने बताया कि दोनों पति-पत्नी पुणे में कॉस्मेटिक शॉप चलाते थे,जहां उमेश भी बैठते हैं।सुनंदा महाराष्ट्र के अन्य ग्रुप के साथ परिक्रमा पर निकलने वाली थीं,लेकिन जब ग्रुप सदस्यों ने फोन किया और उनका फोन बंद मिला तो वे परिक्रमा पर निकल गए। उमेश का फोन भी दो दिन से नहीं लग रहा था।
भास्कर में खबर देखकर आए
कुछ अनहोनी का शक होने पर उमेश ने रविवार रात ओंकारेश्वर जाने का सोचा। इस दौरान दैनिक भास्कर डिजिटल की खबर देखकर उनका विश्वास और गहरा हो गया।उन्होंने ओंकारेश्वर पहुंचकर प्रवीण के शव और सुनंदा के शव की फोटो व कपड़ों को देखकर शिनाख्त की।सुनंदा और प्रवीण की 19 वर्षीय बेटी खराड़ (महाराष्ट्र) में कॉलेज में पढ़ती है।उसे अभी तक दुर्घटना की जानकारी नहीं दी गई है।

