मंगलवार को केरवा डैम के ब्रिज के ऊपर बना सीमेंट क्रांक्रीट का बड़ा स्लैब ढह गया।
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यह कहना है केरवा डैम के ब्रिज गिरने के दौरान चश्मदीद आसिफ खान का। आसिफ सरोतीपुरा गांव में ही रहते हैं।
मंगलवार को केरवा डैम के ब्रिज के ऊपर बना सीमेंट क्रांक्रीट का बड़ा स्लैब गिर गया। यह डैम के गेट के ऊपर ही बना था। डैम के कुल 8 गेट है। हादसे के बाद कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई। न तो लोगों को यहां आने से रोका गया और न ही जलसंसाधन विभाग के जिम्मेदार अलर्ट नजर आए। डैम इंचार्ज नितिन कुहिकर तो बात ही नहीं कर रहे।
दैनिक भास्कर की टीम जब मौके पर पहुंची तो चश्मदीद आसिफ से बात हुई। उन्होंने बताया, गेट के ऊपर करीब 50 साल पहले स्लैब बनाया था। मानसून के दौरान हर शनिवार और रविवार को बड़ी लोग डैम और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को देखने के लिए पहुंचते हैं।
पिछले 5 साल में ही लाखों लोग पहुंच चुके हैं। आम दिनों में 100 से 200 लोग रहते हैं। इनमें से ज्यादा गांव के लोग शामिल हैं। ब्रिज का हिस्सा गिरने से अब परेशानी खड़ी हो गई है कि उस पार कैसे जाएंगे? काफी घुमकर जाना पड़ेगा।
ब्रिज के सरिये सड़क, प्लास्टर उखड़ा मौके पर जाकर पड़ताल की तो बुरे हाल नजर आए। इसे जलसंसाधन विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही भी कह सकते हैं। 8 में से 3 गेट के ऊपर का स्लैब ढह गया, लेकिन बाकी हिस्से की हालत भी ठीक नहीं है। कई जगहों से सरिये बाहर निकलकर सड़क चुके हैं तो प्लास्टर भी उखड़ चुका है। प्लास्टर के तो बड़े-बड़े टुकड़े लटक रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि ब्रिज का बाकी का हिस्सा भी सुरक्षित नहीं है।
चार तस्वीरें देखिए
मंगलवार को केरवा डैम के ब्रिज के ऊपर बना सीमेंट क्रांक्रीट का बड़ा स्लैब गिर गया।

कई जगहों से सरिये बाहर निकलकर सड़क चुके हैं।

प्लास्टर भी उखड़ चुका है।

प्लास्टर के बड़े-बड़े टुकड़े लटक रहे हैं।
इस बार गेट नहीं खुले, इसलिए लोगों की भीड़ कम थी बता दें कि इस बार डैम पूरा नहीं भरा है। कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम के गेट कई बार खुल चुके थे, लेकिन केरवा के गेट एक बार भी नहीं खोले गए। ब्रिज का एक हिस्सा टूटने के बावजूद लोगों का यहां आना-जाना बना रहा। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। सुबह जल संसाधन विभाग के अधिकारी जरूर पहुंचे थे, लेकिन बाद में कोई नहीं पहुंचा।
दूसरी ओर, डैम में पानी भी कम है। इस वजह से लोगों की भीड़ कम थी। यदि पानी रहता तो संभवत: प्रकृति के नजारे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते।
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भोपाल के केरवा डैम के ब्रिज के ऊपर बना सीमेंट क्रांक्रीट का स्लैब गिर गया। यह गेट नंबर 8 के ऊपर बना था। हालांकि, इससे कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए आने-जाने वालों को रोक दिया गया है।
बताया जाता है कि मंगलवार की दोपहर में यह हादसा हुआ। केरवा डैम का निर्माण भदभदा डैम से पहले हुआ था। भदभदा डैम साल 1965 में बना था। इस हिसाब से करीब 50 साल पुराना बताया जा रहा है। केरवा डैम से भोपाल के कोलार इलाके में पानी की सप्लाई होती है। पढ़े पूरी खबर