सतना के नागौद थाना क्षेत्र में पराली जलाने की लापरवाही के कारण एक किसान की धान की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। घोरहटी गांव में हुई इस घटना में किसान संजय तिवारी को लगभग डेढ़ लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने पड़ोसी खेत मालिक आशीष बागरी के खिलाफ पुलिस म
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संजय तिवारी, जो बम्हनगवां के निवासी हैं, ने ग्राम घोरहटी में गोबिंद बागरी की करीब छह एकड़ जमीन बटाई पर लेकर धान की फसल लगाई थी। बीते सोमवार को पड़ोसी खेत मालिक आशीष बागरी ने अपने खेत में पराली जलाई। तेज हवा चलने के कारण आग संजय तिवारी के खेत तक फैल गई।
आग की चपेट में आने से संजय तिवारी की पूरी धान की फसल जलकर राख हो गई। फसल के साथ-साथ खेत में रखे सिंचाई पाइप और अन्य उपकरण भी जल गए। किसान के अनुसार, इस घटना से उन्हें लगभग डेढ़ लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। संजय तिवारी की शिकायत पर नागौद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि फसल कटाई के बाद पराली जलाने पर प्रशासन द्वारा सख्त पाबंदी लगाई गई है। इसके बावजूद कई किसान नियमों की अनदेखी करते हुए खेतों में आग लगा देते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान होने के साथ-साथ आस-पास की फसलों और संपत्ति को भी भारी क्षति पहुंचती है।
रीवा संभाग में पराली जलाने के मामलों में सतना जिला अव्वल है। जिले में सर्वाधिक 25 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके बाद सिंगरौली में 21, रीवा में 7 और मैहर में 7 घटनाएं सामने आई हैं। मऊगंज और सीधी संभाग के ऐसे जिले हैं जहां पराली जलाने की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है।
सतना जिले में पराली जलाने की सबसे ज्यादा 5 घटनाएं बिरसिंहपुर तहसील में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा कोठी में 2, रामपुर बाघेलान में 4, कोटर में 2, मझगवां में 3 नागौद में 5 और उचेहरा में 4 घटनाएं दर्ज हुई हैं। इस तरह कुल 25 घटनाएं वर्ज हुई है, जिसमें से 6 नवंबर को अकेले 17 घटनाएं शामिल हैं।