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Children’s Day Special: भोपाल की यंगेस्ट लाइब्रेरियन और बाल पुस्तकालय की रचनाकार मुस्कान ‘किताबी मस्ती’ नामक पुस्तकालय चलाती हैं.मुस्कान ने अभी तक कई बच्चों में पढ़ाई के प्रति अलख जलाने का काम किया है. वह छोटी सी उम्र से बस्ती में लाइब्रेरी खोल गरीब बच्चों को शिक्षा देने का काम कर रही हैं.
Bhopal News: भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिन 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. बाल दिवस पर हम आपको भोपाल की रहने वाली मुस्कान अहिरवार के बारे में बताएंगे, जिन्होंने बेहद छोटी सी उम्र में बड़े-बड़े काम किए हैं. मुस्कान ने अभी तक कई बच्चों में पढ़ाई के प्रति अलख जलाने का काम किया है. वह छोटी सी उम्र से बस्ती में लाइब्रेरी खोल गरीब बच्चों को शिक्षा देने का काम कर रही हैं. भोपाल की यंगेस्ट लाइब्रेरियन और बाल पुस्तकालय की रचनाकार मुस्कान जिला न्यायालय के पास स्थित दुर्गा नगर बस्ती में ‘किताबी मस्ती’ नामक पुस्तकालय चलाती हैं.
लोकल 18 से बात करते हुए मुस्कान ने बताया कि जब वह 9 साल की थीं, उस समय उन्होंने साल 2016 में इस पुस्तकालय की शुरुआत की थी. आज इस पुस्तकालय को लगभग 8 साल पूरे हो चुके हैं. वह बताती हैं कि बचपन में उन्हें बस्ती के बच्चों को देखकर लगता था कि उनके लिए कुछ करना चाहिए. आम तौर पर बस्ती के बच्चे पैसे और संसाधनों के अभाव में पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं. यहीं से मुस्कान को बस्ती के बच्चों की मदद करने का आइडिया आया.
महज 9 साल में खोली पुस्तकालय
मुस्कान जब तीसरी कक्षा में थीं, उस समय बस्ती में राज्य शिक्षा केंद्र से अधिकारी आए थे, जिन्होंने मुस्कान से पढ़ने को कहा और साथ ही 100 से ज्यादा किताबें भी दीं. मुस्कान ने इन किताबों को कपड़े सुखाने वाली रस्सी पर टांग दिया, जिसे देख बच्चों में उत्सुकता बढ़ी और धीरे-धीरे बस्ती के बच्चे पढ़ने के लिए उनके पास आने लगे.
कई कठिनाइयों का करना पड़ा सामना
मुस्कान बताती हैं कि इस सफर में उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. चूंकि लाइब्रेरी के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी, ऐसे में कई बार कुत्ते-बकरी आकर किताबें फाड़ देते, तो कभी नल का पानी आने पर किताबें गीली हो जातीं, लेकिन मुस्कान ने हार नहीं मानी. बस्ती में गणपति बप्पा और माताजी का चबूतरा था, यहां नवरात्रि और गणेश चतुर्थी पर बस्ती में एक चबूतरा था जहां नवरात्रि और गणेश चतुर्थी पर गणपति बप्पा और माताजी को बिठाया जाता था. यहीं पर खाली समय में उन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया.
मिल चुके हैं कई अवार्ड
मुस्कान के इस सराहनीय कार्य के चलते साल 2016 में नीति आयोग की ओर से वुमेन ट्रांसफॉर्मिंग एरिया अवार्ड, साल 2017 में रीडिंग ओलंपियाड अवार्ड, ब्रिटेन डायना प्रिंसेस अवार्ड, देवी अवार्ड, स्कूल शिक्षा अवार्ड, विवेक युवा पुरस्कार अवार्ड और हाल में महेश गुप्ता सृजन सम्मान अवार्ड से सम्मानित किया गया.