भोपाल की 10 लेन सड़क पर सॉलिड वेस्ट का इस्तेमाल: NHAI ने निगम से मांगा वेस्ट; 9000 पेड़ों की कटाई की वजह से अभी रुका काम – Bhopal News

भोपाल की 10 लेन सड़क पर सॉलिड वेस्ट का इस्तेमाल:  NHAI ने निगम से मांगा वेस्ट; 9000 पेड़ों की कटाई की वजह से अभी रुका काम – Bhopal News


भोपाल के पहले 10 लेन अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) करीब 10 लाख टन सूटेबल सॉलिड वेस्ट का इस्तेमाल करेगा। इसके लिए भोपाल नगर निगम से डिमांड भी की गई है। हालांकि, प्रोजेक्ट 9000 पेड़ों की कटाई की वजह से रुका हुआ है। एन

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यह सेंट्रल का प्रोजेक्ट है। पिछले साल दिसंबर में अयोध्या बायपास के चौड़ीकरण के टेंडर समेत अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनएचएआई ने पेड़ काटने की सभी सरकारी अनुमति भी लेना थी, क्योंकि बायपास चौड़ीकरण का काम करने वाली एजेंसी और एनएचएआई के बीच जो अनुबंध हुआ है, उसके अनुसार पेड़ कटाई जैसी सरकारी अनुमतियां दिलाना एनएचएआई की जिम्मेदारी ही है।

11 अगस्त तक पेड़ कटाई की अनुमति मिलने और फिर काम शुरू होना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इसी बीच पेड़ कटाई का मामला एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल) में चला गया। इसके बाद एक अन्य मामले में एनजीटी ने आदेश दे दिया कि शहरों में कहीं भी 25 से अधिक पेड़ काटने की अनुमति हाई लेवल कमेटी देगी।

इसके बाद नगरीय विकास विभाग के एसीएस संजय शुक्ला की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी का गठन हो गया। कमेटी की अब तक दो मीटिंग हो चुकी है और तीसरी मीटिंग भी होने वाली है। बैठकों में अयोध्या प्रोजेक्ट के पेड़ कटाई का प्रस्ताव आया, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। अब तीसरी मीटिंग में मंजूरी के कयास लगाए जा रहे हैं।

हर रोज लाखों रुपए की पैनल्टी शर्तों के मुताबिक, एनएचआई को हर महीने लाखों रुपए की पैनल्टी टेंडर लेने वाली कंपनी को चुकाना पड़ रही है। अनुमति नहीं मिलने पर अफसरों का कहा है कि तीसरी मीटिंग में यदि अनुमति नहीं मिली या फिर देरी होती है तो एनएचएआई इसे निरस्त भी कर सकता है।

बता दें कि आम तौर पर एनएचएआई शहर के भीतर के प्रोजेक्ट करता ही नहीं है, लेकिन राज्य सरकार के अनुरोध पर इस पर काम शुरू हुआ था।

इसी साल अगस्त में कॉन्ट्रैक्ट एनएचएआई के मुताबिक, दिसंबर 2024 में टेंडर फाइनल हुआ। 11 अगस्त 2025 को कॉन्ट्रैक्ट हो गया। कंपनी ने कैंप ऑफिस और मशीनें खड़ी कर दीं। बिजली-पोल और पाइप लाइन शिफ्टिंग की तैयारी हो गई, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ।

प्रोजेक्ट से यह फायदा शहरी ट्रैफिक के अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर से आने-जाने वाला भारी ट्रैफिक इसी पर चलता है। बायपास पर अक्सर जाम और हादसे होते हैं। 10 लेन सड़क बनने से हर रोज लाखों राहगीरों को बड़ा फायदा मिलेगा।

इस लेन पर 3 बड़े फ्लाईओवर, करोंद, पीपुल्स मॉल और मीनाल के पास बनेंगे। कुल लागत 836.91 करोड़ रुपए है और 2 साल में काम पूरा होना है। बायपास करीब 16 किलोमीटर लंबा है।

यदि प्रोजेक्ट शुरू होता है तो सॉलिड वेस्ट का इस्तेमाल यदि सड़क के लिए पेड़ों की कटाई का मामला सुलझता है तो इस पर 10 लाख टन सॉलिड वेस्ट का इस्तेमाल करेगा। इसे लेकर कुछ समय पहले ही एनएचएआई ने निगम को मांग पत्र दिया था। रोड में गैप फिलिंग और साइड फीलिंग के लिए सॉलिड वेस्ट का इस्तेमाल होगा। इस प्रोजेक्ट से आदमपुर खंती में कचरे के पहाड़ भी खत्म होने का अनुमान है।



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