रीवा शहर के व्यावसायिक क्षेत्र में कई दिनों से चर्चा में रहे हाईप्रोफाइल भूमि विवाद मामले में प्रशासन ने अब कड़ा रुख दिखाया है। विवादित जमीन की बाउंड्री गिराए जाने की घटना पर पुलिस ने मंगलवार देर शाम FIR दर्ज कर ली है, जिससे लंबे समय से चल रहे तनावपू
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मामले में पूर्व सीएसपी पन्नालाल अवस्थी और गुप्ता परिवार के बीच विवाद प्रमुख रूप से सामने आया था। हालांकि FIR अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई है, लेकिन गुप्ता परिवार ने संदेह अवस्थी पर जताया है और उन पर बाउंड्री ध्वस्त कराने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर पन्नालाल अवस्थी इन आरोपों को लगातार निराधार बताते रहे हैं।
जानिए कहां से शुरू हुआ विवाद विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब 40 साल पहले खरीदी गई जमीन पर बनी बाउंड्री को 5 नवंबर की रात अज्ञात व्यक्तियों ने तोड़ दिया। कमलेश गुप्ता के अनुसार, उन्होंने 22,000 वर्ग फीट भूमि लगभग चार दशक पहले खरीदी थी, जबकि उसी क्षेत्र में अवस्थी ने करीब दस वर्ष पूर्व जमीन खरीदी थी। गुप्ता का कहना है कि जिस समय वे एक कार्यक्रम में व्यस्त थे, उसी दौरान पूरी बाउंड्री धराशायी कर दी गई।
घटना के बाद गुप्ता परिवार और क्षेत्र के प्रमुख व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए पहले एयरपोर्ट पर डिप्टी सीएम से मिलने की कोशिश की और बाद में कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठाई। लंबे समय से लगातार तनाव और असुरक्षा महसूस कर रहे व्यापारियों ने इसे अपने अधिकारों पर सीधा हमला बताया था।
विरोध बढ़ने के बाद दर्ज हुई FIR व्यापारियों का आरोप था कि विवादित भूखंड पर कुछ लोग लगातार दबाव बना रहे थे और शिकायतों के बावजूद आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। अचानक बाउंड्री गिराए जाने से उनके बीच आक्रोश फैल गया। विरोध बढ़ने पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच पूरी करते हुए FIR दर्ज की, जिसे व्यापारियों ने बड़े कदम के रूप में देखा।
FIR दर्ज होने के बाद व्यापारिक समुदाय ने इसे न्याय की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई बताया और प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। उनका कहना है कि यह विवाद केवल जमीन तक सीमित नहीं था, बल्कि शहर के व्यावसायिक माहौल और सुरक्षा की भावना से भी सीधे जुड़ा था। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि आगे भी ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि शहर में कारोबार का भरोसेमंद वातावरण बना रहे।