प्रेशर बहुत है…मास्टर जी का SIR दर्द! लोग घरों में कर रहे इंतजार, BLO साहब दफ्तर में भर रहे फॉर्म

प्रेशर बहुत है…मास्टर जी का SIR दर्द! लोग घरों में कर रहे इंतजार, BLO साहब दफ्तर में भर रहे फॉर्म


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SIR Form Filling Process: SIR के फॉर्म घर घर जाकर भरवाए जाते हैं लेकिन बालाघाट जिले के अंतिम छोर पर स्थित बड़पानी में मास्टर जी दफ्तर में बैठे-बैठे ही एसआईआर का काम कर रहे है. जहां पर ग्रामीण दो फोटो और आधार कार्ड लेकर जा रहे हैं. दफ्तर में भीड़ बढ़ रही है और कुछ फॉर्म के भरने में गलतियां भी हो रही हैं. ऐसे में लोकल 18 ने मास्टर जी से बात करना चाहा लेकिन उन्होंने काम में व्यस्त होने का हवाला देकर नकार दिया.

Balaghat News: चुनाव आयोग अब 22 साल बाद एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन हो रही है. इस काम में 1672 बुथ लेवल ऑफिसर काम में जुटे हैं. इस प्रक्रिया के जरिए वोटर लिस्ट अपडेट की जाएगी. इस प्रोसेस में 18 साल के युवा वोटर्स को जोड़ा जाएगा. वहीं, पलायन कर चुके और जिन वोटर्स की मौत हुई है उनके नाम हटाए जाएंगे. साथ ही वोटर लिस्ट में नाम पता और गलतियों को भी ठीक किया जाएगा. इसमें बीएलओ घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं.

जी हां, घर घर जाकर फॉर्म भरवाए जाते हैं लेकिन बालाघाट जिले के अंतिम छोर पर स्थित बड़पानी में मास्टर जी दफ्तर में बैठे-बैठे ही एसआईआर का काम कर रहे हैं. जहां पर ग्रामीण दो फोटो और आधार कार्ड लेकर जा रहे हैं. दफ्तर में भीड़ बढ़ रही है और कुछ फॉर्म के भरने में गलतियां भी हो रही है. ऐसे में लोकल 18 ने मास्टर जी से बात करना चाहा लेकिन उन्होंने काम में व्यस्त होने का हवाला देकर बात करने से भी इनकार कर दिया…

अगर दफ्तर में होगा एसआईआर तो कैसे पूरा होगा मकसद
एसआईआर करवाने का मकसद है कि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट में ना छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो. लेकिन मास्टर जी ऑफिस में बैठे-बैठे एसआईआर की प्रक्रिया कर रहे हैं. इसमें आंगनवाड़ियों की सहायिकाओं की मदद ली जा रही है. लोकल 18 ने मास्टर जी से बात करनी चाही तो उन्होंने चिढ़ कर कहा कि प्रेशर बहुत है. सुबह 10 बजे आते हैं, दिन भर फार्म इकट्ठा करते हैं और शाम को जाकर उसका डिजिटाइजेशन भी करना पड़ता है. ऐसे में रात 10 बजे तक काम करना पड़ता है. 1 हजार वोटर्स का एसआईआर करना है, डेडलाइन भी 20 नवंबर तक है. लोकल 18 ने मास्टर जी से पुछा कि किन लोगों के नाम कट सकते हैं, तो वह कहने लगे मुझे नहीं पता.

ग्रामीणों ने जताई आपत्ति
गांव के विश्वनाथ नेवारे ने मास्टर जी के तरीके पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि मास्टर जी से एसआईआर नहीं करवाना चाहिए. उनका काम है पढ़ाने का…वहीं, ये काम गांव के शिक्षित व्यक्ति से करवाना चाहिए. उसे अच्छे से जानकारी होती है, कि गांव से किसने पलायन किया और किसकी मृत्यु हुई है. ऐसे में सही  और सटीक जानकारी के साथ एसआईआर हो सकता है.

वहीं, नई बहुएं आती हैं, तो उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती है. ऐसे में वह दफ्तर में जाकर एसआईआर की प्रक्रिया में शामिल होती है, तो सही और सटीक जानकारी नहीं दे पाती हैं. ऐसे में किसी भी योग्य मतदाता के नाम कटने की गुंजाइश बनी रहती है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये एसआईआर की सही प्रक्रिया है.

घर-घर जाकर करना चाहिए काम
लोगों को एसआईआर के फार्म तो बांट दिए. ऐसे में लोग अपने घर में इंतजार तो कर रहे हैं लेकिन बीएलओ साहब यानी मास्टर जी दफ्तर में ही बैठे हैं. ऐसे में कई लोग इससे वंचित रह सकते हैं. कुछ लोग ऑफिस जाते हैं फिर कुछ दस्तावेज छूट जाते हैं, जिससे लोगों को समस्या आती है और लोग दोबारा सिर दर्द समझ करना नहीं चाहते और वह इससे उनके नाम कटने की गुंजाइश है.

shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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मास्टर जी का SIR दर्द! लोग घरों में कर रहे इंतजार, BLO दफ्तर में भर रहे फॉर्म



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