Team India Controversy: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद से टेस्ट में लगातार प्रदर्शन बद से बदतर होता जा रहा है. एक साल में दो टेस्ट सीरीज घर में हारने पर चौतरफा आलोचना हो रही है. लिमिटेड ओवरों में मिले-जुले प्रदर्शनों ने गंभीर की कुर्सी को बचा रखा है. चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप में जीत उनकी अब तक सबसे बड़ी उपलब्धि है. हालांकि, चैंपियंस ट्रॉफी की टीम को तैयार करने का श्रेय पूर्व कोच राहुल द्रविड़ को ही जाता है और एशिया कप में अधिकांश टीमें भारत से कमजोर होती हैं.
गंभीर के युग में लगातार बदलाव
गंभीर की कोचिंग में टेस्ट में खराब प्रदर्शनों के अलावा सीनियर खिलाड़ियों का अचानक से संन्यास लेना भी सबको हैरान कर गया. इसकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया दौरे रविचंद्रन अश्विन के शॉकिंग रिटायरमेंट से हुई. उनके बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली ने इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट कोल अलविदा कह दिया और अगस्त में चेतेश्वर पुजारा ने भी संन्यास ले लिया. यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज से पहले रोहित शर्मा को कप्तान पद से हटा दिया गया और उनके स्थान पर शुभमन गिल को कमान सौंप दी गई. इतने बदलावों ने टीम इंडिया को हिला दिया और फैंस गंभीर के फैसलों की आलोचना करने लगे.
खराब हो चुका है ड्रेसिंग रूम का माहौल
अब तक बात यहां तक पहुंच गई है कि सीनियर खिलाड़ियों के साथ गंभीर के संबंध अच्छे नहीं हैं और ड्रेसिंग रूम का माहौल खराब हो चुका है. इससे परेशान होकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रायपुर में 3 दिसंबर को साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले एक मीटिंग का ऐलान किया है. इसमें कोच गंभीर, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर, सीनियर खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली मौजूद हो सकते हैं. बोर्ड इनसे वर्ल्ड कप 2027 तक के रोडमैप की चर्चा कर सकता है. साथ ही संवादहीनता को भी खत्म करने पर भी उसकी नजर होगी.
गंभीर के साथ खराब हो रहे रोहित-कोहली के रिश्ते
भारतीय क्रिकेट का दिल अभी भी कोहली और रोहित के लिए धड़कता है. ये खेल के दो सबसे बड़े खिलाड़ी हैं, लेकिन उनके भविष्य को लेकर सस्पेंस और हेड कोच गौतम गंभीर के साथ उनके रिश्तों को लेकर लगातार चल रही चर्चा ने बीसीसीआई को भी मुश्किल में डाल दिया है. दैनिक जागरण के अनुसार, हेड कोच गौतम गंभीर के कोहली और रोहित के साथ अब वैसे रिश्ते नहीं रहे जैसे तब थे जब उन्होंने पहली बार राहुल द्रविड़ की जगह भारत के हेड कोच का पद संभाला था. असल में रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों दिग्गजों और कोच के बीच रिश्ते ठंडे पड़ रहे हैं. इसे लेकर रायपुर में बैठक रखी गई है.
ये भी पढ़ें: 148 साल में पहली बार बना ये वर्ल्ड रिकॉर्ड, विराट ने रच दिया इतिहास, सचिन भी नहीं कर पाए ये कारनामा
कोच से खुश नहीं सीनियर खिलाड़ी?
कोहली और रोहित के टेस्ट क्रिकेट से अचानक रिटायरमेंट की घोषणा के बाद रिश्ते में दरार दिखने लगी. रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया गया, जिसमें कहा गया कि ऑस्ट्रेलिया वनडे के दौरान रोहित और बीसीसीआई के सेलेक्टर्स के चेयरमैन अजीत अगरकर के बीच अच्छे रिश्ते नहीं थे. जैसे ही साउथ अफ्रीका से वनडे शुरू हुए, कोहली और गंभीर के रिश्ते भी चर्चा में आ गए. दोनों के बीच बातचीत बहुत कम हो गई. हालांकि, अभी की स्थिति बीसीसीआई के नजरिए से बहुत अच्छी नहीं है, क्योंकि हेड कोच गंभीर की सोशल मीडिया पर पब्लिक में बुराई से सीनियर मैनेजमेंट परेशान है.
अगरकर-रोहित में भी कुछ ठीक नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान रोहित और अगरकर ने बिल्कुल भी बातचीत नहीं की. तब से अब तक कोहली और गंभीर ने भी एक-दूसरे से ज्यादा बात नहीं की है. इसके अलावा, जिस तरह से कोहली और रोहित के फैन सोशल मीडिया पर गंभीर पर हमला कर रहे हैं, उससे बीसीसीआई परेशान है. खबर है कि बोर्ड ने बुधवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले गंभीर, अगरकर और कुछ दूसरे टॉप अधिकारियों के साथ एक मीटिंग बुलाई है. इस दौरान कुछ जरूरी मामलों पर तुरंत बात हो सकती है. यह बात टीम इंडिया के बड़े खिलाड़ियों विराट कोहली और रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चल रही चर्चा के बीच सामने आई है, दोनों ने पिछले कुछ मैचों में शानदार प्रदर्शन देकर फॉर्म में वापसी की है.
ये भी पढ़ें: 5 मैच, 519 रन… धोनी के शहर से कोहली का लव अफेयर… 3 शतक से बन गए रांची के दुलारे
बैठक में शामिल होंगे बीसीसीआई के पदाधिकारी
इस चर्चा में बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया, जॉइंट सेक्रेटरी प्रभतेज सिंह भाटिया, गौतम गंभीर और अजीत अगरकर के शामिल होने की संभावना है. यह कन्फर्म नहीं किया गया है कि नए बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास इसमें शामिल होंगे या नहीं. मैच वाले दिन मीटिंग प्लान होने की वजह से कोहली, रोहित और दूसरे सीनियर खिलाड़ियों को बुलाने की संभावना काफी कम लगती है. यह मीटिंग टीम में ‘सिलेक्शन कंसिस्टेंसी’ पक्का करने के लिए रखी गई है. साथ ही लंबे समय में डेवलपमेंट और टीम की ओवरऑल परफॉर्मेंस को भी ध्यान में रखा गया है.
बैठक का क्या मकसद?
मीटिंग का मकसद हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हार के दौरान भारतीय टीम में मिली कमियों को दूर करना है. भारत अगले साल T20 वर्ल्ड कप बचाने के लिए फेवरेट होगा और उसके बाद वनडे वर्ल्ड कप का भी मजबूत दावेदार होगा. इसलिए बोर्ड चाहता है कि ये मसले जल्दी सुलझ जाएं. यह स्थिति मैनेजमेंट और विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के बीच बातचीत में कमी की ओर इशारा करती है. ऐसी अफवाहें थीं कि बीसीसीआई चाहता है कि कोहली टेस्ट से रिटायरमेंट वापस ले लें, लेकिन इस दिग्गज बल्लेबाज ने रविवार को रांची वनडे के खत्म होने के बाद ऐसे यू-टर्न की संभावना पर रोक लगा दी.