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Shivpuri News: शिवपुरी जिले में बना प्रदेश का एकमात्र फिजिकल कॉलेज पिछले तीन साल से बंद पड़ा हुआ है. 1956 में शुरू हुआ यह तात्याटोपे शारीरिक प्रशिक्षण संस्थान कभी प्रदेश ही नहीं है. बल्कि आसपास के राज्यों के छात्रों के लिए भी एक बड़ा केंद्र था. यहां D.P.Ed और C.P.Ed जैसे दो अहम कोर्स चलते थे.
शिवपुरी जिले में बना प्रदेश का एकमात्र फिजिकल कॉलेज पिछले तीन साल से बंद पड़ा हुआ है. 1956 में शुरू हुआ यह तात्याटोपे शारीरिक प्रशिक्षण संस्थान कभी प्रदेश ही नहीं है. बल्कि आसपास के राज्यों के छात्रों के लिए भी एक बड़ा केंद्र था. यहां D.P.Ed और C.P.Ed जैसे दो अहम कोर्स चलते थे. जिनकी पूरे प्रदेश में काफी मांग रहती है. सरकारी सीटों के साथ हर साल लगभग 55 नए छात्र एडमिशन लेते थे. फीस भी बहुत कम थी—करीब 3,000 रुपए महीना, जिसमें हॉस्टल, खाना और ड्रेस तक शामिल था. इसलिए कम पैसे वाले छात्र भी आराम से पढ़ सकते थे.
समस्या तब शुरू हुई जब 2022-23 में कॉलेज को स्कूल शिक्षा विभाग से हटाकर खेल एवं युवा कल्याण विभाग में भेजने का फैसला लिया गया. प्रस्ताव कैबिनेट से पास भी हो गया. लेकिन बाद में खेल विभाग ने बजट और स्टाफ की कमी की वजह बताकर कॉलेज को लेने से इंकार कर दिया. इसके बाद से कॉलेज दो विभागों के बीच अटका हुआ है.
45 बीघा में है का खेल मैदान
इस बीच कॉलेज का स्टाफ भी लगातार कम होता गया. जहां पहले 40 से 50 कर्मचारी थे. अब केवल 11 लोग बचे हैं. बजट न आने की वजह से कॉलेज की देखरेख बंद है. लाखों रुपए की लागत से बना 45 बीघा का खेल मैदान टूटा-फूटा और खराब हो चुका है. हॉस्टल भी जर्जर हालत में पहुंच चुका है। कई जगह दीवारें टूट रही हैं और मैदान में झाड़ियां उग आई हैं. अब इस कॉलेज का उपयोग बस चुनावी काम, आर्मी भर्ती या कभी-कभार स्कूल की खेल प्रतियोगिताओं के लिए ही होता है. वीरेंद्र सिंह वर्मा प्राचार्य का कहना है कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के पास लंबित है. उन्हीं के निर्णय से कोर्स दोबारा शुरू हो पाएंगे. उधर, छात्रों को यही कोर्स निजी कॉलेजों से भारी फीस देकर करने पड़ रहे हैं. जबकि खेल शिक्षकों की कमी आज भी लगभग हर स्कूल में बनी हुई है.