दतिया मेडिकल कॉलेज के न्यू ओपीडी ब्लॉक में डीन के जारी निर्देश पहले ही दिन हवा हो गए। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान डीन डॉ. दीपक सिंह मरावी को सुबह 9 से 9.30 बजे तक एक भी डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं मिला था, जिसके बाद उन्होंने सख्त निर्देश जारी किए थे क
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बुधवार सुबह कई विभागों में डॉक्टर निर्धारित समय से काफी देर बाद पहुंचे। किसी ने 11 बजे तक ओपीडी संभाली, तो कई डॉक्टर दोपहर 1 या 1.30 बजे ही अपने कक्ष से उठकर चले गए। हैरानी की बात यह रही कि मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. अर्जुन सिंह और सह अधीक्षक डॉ. सचिन सिंह यादव तक अपने-अपने कमरों में मौजूद नहीं थे।
कई लोग बिना इलाज कराए लौटे
मरीजों की परेशानी बढ़ी और कई लोग बगैर इलाज वापस लौटते दिखाई दिए। चर्म रोग विभाग में कंसल्टेंट डॉ. प्रशांत हरित दोपहर 1 बजे ही अपने घर के लिए निकल गए। उनके जाने के बाद कक्ष में सिर्फ जूनियर स्टाफ मौजूद रहा।
इसी तरह चेस्ट एंड टीबी विभाग में ओपीडी संभालने वाले डॉ. एमके भारती का कमरा डेढ़ बजे तक खाली हो चुका था, जहां नर्सिंग स्टाफ अकेले ही बैठा रहा। मरीजों ने बताया कि उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है और कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता है।
