शरीर के कष्ट काटेगा ये जहरीला पौधा! महादेव का प्रिय, औषधि का खजाना, कई बीमारियों का काल, जानें फायदे

शरीर के कष्ट काटेगा ये जहरीला पौधा! महादेव का प्रिय, औषधि का खजाना, कई बीमारियों का काल, जानें फायदे


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Dhatura Use And Benefits: सीधी के यूनानी मेडिकल ऑफिसर बताते हैं कि धतूरा मजबूत दर्द निवारक गुणों से भरपूर है. उनके अनुसार इसकी पत्तियां, बीज और जड़ पुराने समय में दमा, दांत दर्द और सूजन में उपयोग की जाती थीं. वहीं, गांव की बुजुर्ग महिला ने कुछ घरेलू नुस्खे भी बताए…

Dhatura Benefits: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की प्रकृति में कई चमत्कारी वनस्पतियां हैं. इनका उपयोग सदियों से आयुर्वेद और धार्मिक परंपराओं में होता आ रहा है. इनमें से एक है धतूरा. इसे ग्रामीण आज भी दादी-नानी के नुस्खों में बीमारी मिटाने के लिए इस्तेमाल करते हैं. दर्द, दमा, त्वचा रोग से लेकर तांत्रिक अनुष्ठानों तक, धतूरा हर जगह अपनी धाक जमाए हुए है.

यूनानी मेडिकल ऑफिसर डॉ. जुबैर अली ने लोकल 18 को बताया, धतूरा दर्द निवारक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-स्पास्मोडिक गुणों से भरपूर है. इसकी पत्तियां, बीज, फूल और जड़ बीमारी मिटाने में उपयोगी हैं. आगे बताया, पुराने समय में दमा के मरीजों को धतूरे के पत्तों का धुआं दिया जाता था. वहीं दांत दर्द में इसकी जड़ का उपयोग किया जाता है. बरसात के मौसम में आने वाला कांटेदार धतूरे का फल  का तेल दर्द और सूजन में राहत के लिए आज भी इस्तेमाल किया जाता है.

जानें धतूरे के घरेलू नुस्खे
70 साल की फुलझरिया देवी, जो गांव में घरेलू नुस्खों के लिए मशहूर हैं, बताती हैं, धतूरे के पत्तों को गर्म करके सूजन वाली जगह बांधने से तुरंत आराम मिलता है. वहीं फोड़े-फुंसियों में इसकी पत्तियों का लेप असरदार होता है. धार्मिक महत्व की बात करें तो धतूरा केवल औषधि नहीं, बल्कि भगवान शिव की प्रिय वनस्पति है. बजरंगबली मंदिर के पुजारी प्रदीप योगी के अनुसार शिवरात्रि और सावन में शिवलिंग पर धतूरे के फूल, पत्ते और फल चढ़ाने की परंपरा आज भी जीवित है.

बिना डॉक्टर की सलाह के न करें इस्तेमाल
मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय विष पीने के बाद महादेव के शरीर से गिरी पसीने की बूंदों से ही धतूरा जन्मा, इसलिए इसे शिव का आशीर्वाद माना जाता है. हालांकि, डॉक्टर का यह भी स्पष्ट किया कि धतूरा एक विषैला पौधा है. इसके बीज और पत्तों में मौजूद तत्व अल्कलॉइड की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में जाने पर गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकती है. इसलिए इसका प्रयोग केवल डॉक्टर की सलाह और देखरेख में ही करना चाहिए, बिना जानकारी या घरेलू प्रयोग करने पर यह औषधि जहर का काम भी कर सकती है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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शरीर के कष्ट काटेगा ये जहरीला पौधा! महादेव का प्रिय, कई बीमारियों का काल

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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