नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने उसके सौतेले पिता को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को हुई मानसिक व शारीरिक क्षति के लिए 3 लाख रुपए की मुआवजा राशि दिलवाए जाने की अनुशंसा की है।
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कोर्ट ने सौतेले पिता को धारा 5एल/6, 5एन/6 पॉस्को एक्ट में अलग-अलग आजीवन कारावास और धारा 13/14 पॉस्को एक्ट में 7 साल का सश्रम कारावास और धारा 66-ई आईटी एक्ट में 3 साल सश्रम कारावास और कुल 20 हजार रुपए के अर्थदंड के साथ दंडित किया है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक लतिका आर.जमरा ने पैरवी की। दरअसल, ये मामले इंदौर के पूर्वी थाना क्षेत्र का है। पीड़िता उसकी नानी और मां के साथ पहुंचकर थाने में रिपोर्ट लिखवाई थी। वह अपनी मां और भाई के साथ रहती है। पीड़िता ने मां ने पिता की मौत के बाद फरवरी 2020 में दूसरी शादी आर्य समाज मंदिर में की थी, जिसके बाद पीड़िता का सौतेला पिता उन्हीं के घर आकर रहने लग गया था।
यहां आने के 4-5 दिन बाद ही जब पीड़िता की मां काम पर चली जाती थी तो उसका सौतेला पिता उसके साथ जबरदस्ती गलत काम करता था और उसे धमकाता था कि किसी को ये बात मत बताया। इस पर पीड़िता ने उसके खिलाफ थाने में लगभग डेढ़ साल पहले रिपोर्ट कराई थी, जिसका मामला न्यायालय में चल रहा है। उसके बाद सौतेले पिता ने अगस्त 2021 को उसके घर रहने आ गया और वापस उसके साथ उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाने लगा। अक्टूबर 2021 को उसे व उसकी मां को डरा धमकाकर उसके और उसकी मां के साथ बिना कपड़ों के मोबाइल में वीडियो बनाकर कहलवाया कि यह सब गलत काम मर्जी से करती हूं और उससे कहा कि यदि यह बात किसी को बताई तो उसे जान से खत्म कर देगा। जिससे वह काफी डर गई थी। जिसके बाद उसने अगले दिन थाने में रिपोर्ट लिखवाई। जिसमें पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया था। पीड़िता का मेडिकल कराया गया। गवाहों के बयान लिए गए। पूरी विवेचना के बाद चालान न्यायालय में पेश किया गया था। जिस पर से आरोपी को दंडित किया गया।