कलेक्टर सोनिया मीना ने छात्रावास में विद्यार्थियों से उनके पाठयपुस्तक के अंग्रेजी, हिंदी विषय को पढ़वाया।
नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना ने गुरुवार को सेमरी हरचंद के पास स्थित शासकीय जनजातीय बालक आश्रम शाला छात्रावास सिद्धपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवासीय विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, छात्रावास क
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विद्यार्थियों से सवाल पूछे, शैक्षणिक स्तर कमजोर पाया निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छोटे-छोटे विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत की और हिंदी, अंग्रेजी और गणित के सरल प्रश्न पूछकर उनकी पढ़ाई का आकलन किया। कई विद्यार्थी न तो हिंदी और अंग्रेजी ठीक तरह से पढ़ पाए और न ही गणित के आसान सवालों के सही उत्तर दे सके।
इस पर कलेक्टर मीना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों में सीखने की क्षमता बहुत अधिक है, लेकिन शिक्षकों द्वारा उन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों का पाठ्यक्रम अधूरा है और अभ्यास भी कमजोर है। ऐसे में यह स्थिति गंभीर है, क्योंकि आवासीय विद्यालय जनजातीय बच्चों के भविष्य को सुधारने की राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं—शिक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने मौके पर ही ट्राइबल विभाग के सहायक आयुक्त को निर्देश दिए कि संबंधित शिक्षकों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई, अभ्यास और सीखने की प्रक्रिया में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
रसोई, भोजन कक्ष और छात्रावास की सफाई का निरीक्षण निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास के कमरे, रसोईघर और भोजन कक्ष को भी ध्यानपूर्वक देखा। उन्होंने रसोईघर में पहुंचकर बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की और साफ-सफाई को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रावास में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो।
निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग के विवेक नागवंशी, तहसीलदार अनिल झरबड़े सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


