रायसेन जिला अस्पताल में रविवार को कलेक्टर की ओर से गठित जांच दल ने वार्डों का निरीक्षण किया। टीम ने प्रसूता और नवजात वार्डों में दीवारों पर चलते हुए कॉकरोच पाए। मरीजों ने भी अस्पताल में कीड़े-मकोड़ों की शिकायत दर्ज कराई।
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जांच दल में अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय, सीएमओ डॉ. एन.एन. मांडरे, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री बी.के. सूत्रकर और एसडीएम मनीष शर्मा शामिल थे। टीम ने ममता वार्ड, प्रसूति वार्ड सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया।
एसएनसीयू वार्ड में खामियां
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी खामी एसएनसीयू वार्ड के पास मिली, जहां एक दिन पहले पेस्ट कंट्रोल किया गया था। लोक निर्माण विभाग के यंत्री बी.के. सूत्रकर ने कमरे का ताला खुलवाकर देखा, तो वहां भी कॉकरोच चलते हुए मिले। जांच दल ने पेस्ट कंट्रोलर के काम पर असंतोष जताया।
टीम को प्रसूता और नवजात वार्डों में दीवारों पर चलते हुए कॉकरोच मिले।
कॉकरोच और कीड़ों की खबरों के बाद प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पवार ने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को अस्पताल व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर ने शनिवार शाम जांच दल का गठन किया।
कंपनियों की जिम्मेदारी में चूक
जांच में सामने आया कि सफाई का काम शिवम बुंदेला कंपनी के पास और पेस्ट कंट्रोल का ठेका मातृका एंटरप्राइजेज कंपनी को दिया गया है। जांच दल ने पाया कि दोनों कंपनियां अपनी जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभा रही हैं, जिससे अस्पताल में गंदगी और कीड़े-मकोड़ों की समस्या बनी हुई है।
जांच दल में शामिल अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय ने बताया कि कलेक्टर के आदेश पर अस्पताल में जांच की गई। कमियों की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी जाएगी।

टीम मे अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया।