गयाजी से महाकाल, साइकिल से 1200 किमी की अनोखी यात्रा

गयाजी से महाकाल, साइकिल से 1200 किमी की अनोखी यात्रा


भोपालः मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में साइकल पर सफर करते हुए जैकी कुमार मांझी बिहार के गयाजी के रहने वाले हैं. वो उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का सफर साइकल से कर रहे हैं. जैकी मांझी गयाजी के माड़नपुर के निवासी हैं और वो 5 नवंबर को गयाजी से उज्जैन की साइकल यात्रा पर निकले थे. राजधानी भोपाल से होते हुए वो उज्जैन का रास्ता तय कर रहे थे.

साइकिल से बाबा महाकाल के दर्शन 1200 किमी की अनोखी यात्रा

बिहार के एक साधारण से युवक जैकी मांझी की असाधारण श्रद्धा और भक्ति की साइकल यात्रा की कहानी बड़ी अनोखी है. जैकी बताते हैं कि- मैंने 5 नवंबर को गयाजी के माड़नपुर से अपनी साइकल यात्रा शुरू की थी. गयाजी बिहार से उज्जैन के बीच की दूरी की बात करें तो यह रास्ता 1200 किलोमीटर से अधिक लंबा और कठिन है लेकिन बाबा महाकाल के दर्शन के लिए बिहार का जैकी साइकल से ही निकल पड़ा है.
राजधानी भोपाल में साइकल से उज्जैन यात्रा पर निकले बिहार के जैकी कुमार मांझी बताते हैं कि, मैं 5 नवंबर से साइकल पर सवार हूं और तभी रूकूँगा जब बाबा महाकाल के दर्शन मिल जाएंगे. यात्रा के बारे में बताते हुए वो कहते हैं कि, मैं रोज शाम 6 बजे तक साइकल चलाता हूं और 6 बजने के बाद जहां जगह मिलती है. वहीं रात को आराम करता हूं. कई बार अच्छे लोग रहने और खाने का भी इंतजाम कर देते हैं.

साइकिल पर तिरंगां के साथ विराजमान हैं हनुमान

एक साइकल उसपर लगे तिरंगा झंडे और पवनपुत्र हनुमान की ध्वजा के साथ पीछे जैकी मांझी अपने दो बैग बांधे हुए हैं. इसके साथ ही आगे और पीछे दो छोटे पोस्टरों में अपनी यात्रा की जानकारी और अगर कोई मदद करना चाहे तो एक ऑनलाइन पेमेंट का क्युआर कोड बस इतनी ही चीजों के सहारे बिहार का यह युवक 1200 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर रहा है. Local18 को साइकल से ही यात्रा करने के पीछे की वजह बताते हुए जैकी बताते हैं कि, मैं गरीब फैमिली से आता हूं और मेरे पास उतने पैसे नही थे की मैं गाड़ी या फॉर व्हीलर से सफर कर पाऊं. मैं तो अपने को इसी बात में खुश किस्मत मानता हूं की, प्रभु ने मुझे साइकल लायक बनाया है.

साइकिल से करेंगे चार धाम यात्रा

जैकी कहते हैं कि, मैं तो साइकल से चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग और 11 शक्तिपीठों के दर्शन पर निकला हूं कुछ लोग तो पैदल भी बाबा के दरबार में दर्शन करने पहुंचते हैं. उनके सामने तो मैं कुछ भी नही हूं. वो आगे कहते हैं कि, इस यात्रा का मतलब ही दुख है अगर खुशी होती तो फिर सब ये मुश्किल सफर कर रहे होते. लोग सिर्फ दुख में भगवान को याद करते हैं, ख़ुशी में कोई नही करता है. जैकी बताते हैं कि, वो उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दर्शन के बाद महाराष्ट्र, सोमनाथ और आंध्र प्रदेश की तरफ जाएंगे.



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