किसानों पर राजनीति. (File)
उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Shingh Chauhan) चौहान किसानों के हित में बड़े फैसले ले रहे हैं तो वहीं कांग्रेस (Congress) ने हितैषी योजनाओं को बंद करने का आरोप लगाया है.
भोपाल. मध्य प्रदेश में सियासी दलों के केंद्र बिंदु में इन दिनों किसान हैं. किसान (Farmer) कर्ज माफी, किसान सम्मान निधि से लेकर सियासी दल हर आयोजन में किसान और किसान से जुड़े मुद्दों पर बयान देकर किसान वोटर को साधने की कोशिश में लगे हैं. लेकिन अब किसानों से जुड़ी योजनाओं को लेकर सियासी संग्राम उठ खड़ा हुआ है. प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार के किसान बजट को घटाने का आरोप लगाते हुए किसान हित की योजनाओं पर ताला लगाने का आरोप लगाया है. कांग्रेस (Congress) का आरोप है कि प्रदेश सरकार किसान हितैषी योजनाओं को एक के बाद एक बंद कर रही है. कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे के मुताबिक, राज्य सरकार ने कृषक समृद्धि योजना, सूरज धारा योजना, कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी योजना, खेत तीर्थ योजना, अन्नपूर्णा योजना, कृषि यंत्रीकरण प्रोत्साहन योजना में बजट घटाकर योजनाओं को बंद करने की तैयारी कर ली है.
कांग्रेस का आरोप है कि कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों की फसलों पर समर्थन मूल्य के ऊपर प्रोत्साहन राशि दी जाती थी, लेकिन अब सरकार ने बजट में सिर्फ ₹3000 का प्रावधान किया है. इससे साफ है कि प्रदेश सरकार किसानों को पूर्व घोषित प्रोत्साहन राशि नहीं दे रही है. कांग्रेस का आरोप है कि सूरज धारा योजना के तहत सरकार ने बजट प्रावधान शून्य कर दिया है. जो इस बात को बताता है कि योजना के तहत अनुसूचित जाति जनजाति के किसानों को 75 फ़ीसदी तक बीज के लिए मिलने वाला अनुदान अब बंद हो गया है.
कांग्रेस का आरोप
बहरहाल, प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस के फोकस में किसान वोटर हैं, क्योंकि इस बार उपचुनाव में किसान वोटर ही बीजेपी और कांग्रेस की हार और जीत तय करेगा. यही कारण है प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार किसान हित में बड़े फैसले लेकर किसान वोटरों को खुश करने की कोशिश में हैं, तो वहीं किसान कर्ज माफी के बाद किसान हितैषी योजनाओं को बंद करने के आरोप के सहारे कांग्रेस बीजेपी को टक्कर देने में लगी हुई है.