चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार के मुंह में ब्रेथ एनालाइजर चेक करते यातायात पुलिसकर्मी
ग्वालियर में नए साल के जश्न के दौरान पुलिस की सख्ती के बावजूद ड्रिंक एंड ड्राइव के 16 मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने 31 दिसंबर की रात को इन मामलों में कार्रवाई की, जिसका उद्देश्य दुर्घटनाओं और अप्रिय घटनाओं को रोकना था। एसएसपी धर्मवीर सिंह की ‘जीरो टॉलर
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वाहन को जब्त कर ऑटो से चालक को घर भेजते यातायात पुलिसकर्मी।
पुलिस की तीन दिवसीय मशक्कत के परिणामस्वरूप नए साल पर कोई बड़ी दुर्घटना या आपराधिक वारदात दर्ज नहीं हुई। यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों को रोका। कई मामलों में, नशे में धुत चालकों को उनके वाहनों से उतारकर सुरक्षित घर भी पहुंचाया गया।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने पहले ही निर्देश दिए थे कि ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में रात थाने में गुजर सकती है और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। तीनों यातायात थानों की पुलिस ने इस पर कड़ी नजर रखी। गोला का मंदिर यातायात थाने ने 7, झांसी रोड यातायात थाने ने 5 और कंपू यातायात थाने ने 1 व अन्य 3 मामले दर्ज किए।
गोला का मंदिर यातायात थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी ने एक घटना का जिक्र किया। यूनीपेच फैक्ट्री के पास पटरी रोड पर टाटा 407 का चालक अत्यधिक नशे की हालत में मिला। उसे समझाना मुश्किल हो रहा था, लेकिन अंततः पुलिस ने उसे वाहन छोड़ने के लिए राजी किया और ऑटो से उसके हजीरा संजय नगर स्थित घर पहुंचाया।
यातायात एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने के कुल 16 मामले दर्ज किए गए हैं। सभी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत प्रकरण बनाए गए हैं। इन मामलों को कोर्ट में भेजा जाएगा, जहां चालकों को जुर्माना भरना होगा। धारा 185 के तहत न्यूनतम 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाता है, जो अधिक भी हो सकता है।