शहडोल के आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर से 12वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा लापता हो गई है। छात्रा रविवार को हॉस्टल से गायब हुई थी, जिसकी शिकायत परिजनों ने दो दिन बाद सोहागपुर थाने में दर्ज कराई थी। इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्
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सोहागपुर थाना प्रभारी टीआई भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति के साथ छात्रा गई थी, वह खुद को उसका मामा बता रहा था। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और लापता छात्रा की तलाश जारी है।
प्रशासन ने हॉस्टल वार्डन को निलंबित कर दिया
इस मामले में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कन्या शिक्षा परिसर की वार्डन को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया है। ए.सी. ट्राइबल के पत्र के बाद डिप्टी कमिश्नर ने वार्डन पर निलंबन की कार्रवाई की। आरोप है कि जिस व्यक्ति के साथ छात्रा गई थी, उसका नाम परिजनों की ओर से दी गई अधिकृत सूची में शामिल नहीं था, इसके बावजूद छात्रा को हॉस्टल से जाने की अनुमति दी गई थी।
इससे छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, आवासीय शिक्षा संस्थानों में निगरानी और जवाबदेही की कमी को भी उजागर करता है।
छात्रा रविवार को एक परिचित के साथ बाहर गई थी
पुलिस के अनुसार, छात्रा रविवार को हॉस्टल से एक परिचित व्यक्ति के साथ बाहर निकली थी। इसके बाद वह न तो हॉस्टल लौटी और न ही अपने घर पहुंची। आरोप है कि इस पूरे मामले को दबाने और मीडिया से दूर रखने का प्रयास भी किया गया था।
जब परिजन अपनी बेटी से मिलने शिक्षा परिसर पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि छात्रा अपने मामा के साथ चली गई है। हालांकि, परिजनों को जानकारी लेने पर सच्चाई का पता चला।
परिजनों का आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद तत्काल पुलिस को सूचित नहीं किया गया। इसके बाद परिजनों ने स्वयं सोहागपुर थाने पहुंचकर छात्रा के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।