ग्वालियर में नलों से गंदा पानी, निकल रहे कीड़े: रहवासियों ने किया प्रदर्शन; कांग्रेस का सीवर मिला बदबूदार पानी सप्लाई का आरोप – Gwalior News

ग्वालियर में नलों से गंदा पानी, निकल रहे कीड़े:  रहवासियों ने किया प्रदर्शन; कांग्रेस का सीवर मिला बदबूदार पानी सप्लाई का आरोप – Gwalior News


ग्वालियर शहर के वार्ड क्रमांक 12, लाइन नंबर 3 में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर लोगों ने शाम को सड़क पर प्रदर्शन किया। इस दौरान रहवासियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। शहर के कई अन्य हिस्सों में भी नलों से गंदा पानी आने की शिकायतें हैं।

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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कई दिनों से नलों में गंदा पानी आ रहा है, जिसमें अक्सर मिट्टी मिली होती है। रविवार सुबह तो पानी में कीड़े भी निकले, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ गया।

स्थानीय निवासी हरिओम शर्मा ने बताया कि कॉलोनी में कई दिनों से गंदा पानी आ रहा है, जिसमें बदबू और मिट्टी होती है। उन्होंने कहा कि पानी में कीड़े भी निकले हैं, जिससे लोगों को पेट दर्द और बुखार जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रविवार सुबह पानी में कीड़े भी निकले

कई वार्डों में सीवर युक्त बदबूदार पानी की सप्लाई का आरोप

इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि ग्वालियर विधानसभा के कई वार्डों, मोहल्लों और कॉलोनियों में सीवर युक्त बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है, जिसके कारण लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।

वहीं, स्थानीय पार्षद मीरा मान सिंह राजपूत ने गंदे पानी की समस्या को विशेष नहीं बताया। उन्होंने कहा कि निगम ने नई पानी की लाइनें डाल दी हैं, लेकिन कभी-कभी पुरानी, बंद हो चुकी लाइनों से थोड़ा गंदा पानी आ जाता है। उनके अनुसार, इसके अलावा कोई अन्य समस्या नहीं है।

नलों में इस तरह आ रहा है गंदा पानी।

नलों में इस तरह आ रहा है गंदा पानी।

निगम प्रशासन ने इस समस्या को लेकर कार्रवाई शुरू करने की बात कही है, लेकिन निवासियों का आरोप है कि निगम का रवैया सुस्त है।

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16 मौतों से पहले फाइल-फाइल खेलते रहे अफसर–नेता

इंदौर के भागीरथपुरा की जिस पाइपलाइन ने 16 लोगों की जान ली, उसे बदलने की प्रक्रिया 3 साल पहले शुरू हुई थी, लेकिन निगम परिषद की बैठक में पाइप लाइन बदलने का प्रस्ताव मंजूर होने से लेकर लोगों की मौतों तक हर कदम पर अफसर और नेताओं ने लापरवाही बरती। पाइपलाइन बदलने का काम दो फेज में होना था। जैसे-तैसे पहले फेज का काम शुरू हुआ, लेकिन वो भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। पढ़िए पूरी खबर।



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