राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुना शहर की तीन बस्तियों में रविवार को हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। ये सम्मेलन अंबेडकर बस्ती, माधव बस्ती और परशुराम बस्ती में हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और वरिष्ठ न
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कैलाश गिरी महाराज ने कहा कि हिंदू समाज में जागरूकता और आत्मचिंतन की आवश्यकता है। जब समाज अपनी संस्कृति और कर्तव्यों के प्रति सजग होगा, तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा।
मातृशक्ति की ओर से नीतू शर्मा ने कहा कि समाज की नींव परिवार से बनती है और परिवार को मजबूत करने में नारी की भूमिका सबसे अहम होती है।
यशा जैन ने अपने संबोधन में कहा कि समाज और राष्ट्र का निर्माण घर से शुरू होता है। कुटुंब समाज की सबसे छोटी लेकिन सबसे मजबूत इकाई है। उन्होंने कहा कि आज परिवारों में संवाद की कमी हो रही है और मोबाइल के कारण आपसी रिश्तों में दूरी बढ़ रही है। कुटुंब प्रबोधन का मतलब है परिवार के साथ समय बिताना, संवाद बढ़ाना और संस्कारों को मजबूत करना।
उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि संस्कार और संवेदनशीलता भी देना जरूरी है। जो बच्चा बड़ों का सम्मान करता है और सहयोग की भावना रखता है, वही सच्चा नागरिक बनता है।
कार्यक्रम में पंच परिवर्तन की भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि पंच परिवर्तन का अर्थ रोजमर्रा के जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव करना है। यदि हर परिवार इन बदलावों को अपनाए, तो समाज और राष्ट्र अपने आप मजबूत बनेंगे।
कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।

भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।