स्विटजरलैंड की महिला से पार्टनर के सामने गैंगरेप: बंदूक लेकर कैंप में घुसे बदमाश, वो मदद के लिए चीखती रही दरिंदे बारी-बारी नोंचते रहे – Madhya Pradesh News

स्विटजरलैंड की महिला से पार्टनर के सामने गैंगरेप:  बंदूक लेकर कैंप में घुसे बदमाश, वो मदद के लिए चीखती रही दरिंदे बारी-बारी नोंचते रहे – Madhya Pradesh News


मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात उस केस की, जिसने न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। मध्य प्रदेश में विदेशी टूरिस्ट के साथ हुए कांड ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। भारत घूमने निकले स्विट्जरलैंड के कपल ने सोचा भी नहीं होगा कि अगल

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पढ़िए पूरी रिपोर्ट-

15 मार्च 2013 रात करीब 10 बजे दतिया, मध्य प्रदेश…

दतिया के घने जंगलों वाला इलाका, दतिया-सेवढ़ा स्टेट हाईवे पर रात करीब 10 बजे दीपक त्रिवेदी और उनके साथी देवेंद्र तिवारी कहीं जा रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि सड़क पर खड़े दो लोग आने-जाने वाली गाड़ियों को हाथ देकर रोकने की कोशिश कर रहे हैं। पास आते-आते उन्होंने बाइक थोड़ी धीमी की, दूसरी तरफ दो लोग बार-बार हाथ उठाकर उनसे मदद की गुहार लगा रहे थे। उन्होंने बाइक रोकी और उन्हें देखा तो सन्न रह गए।

ऊंचे कद की एक महिला और एक पुरुष, उनके शरीर पर चोटों के निशान थे। सांसें तेज थीं, जैसे अभी मौत को छूकर लौटे हों। महिला लड़खड़ा रही थी, उसके कपड़े फटे और अस्त-व्यस्त थे, पुरुष उसे संभाले हुए, खुद खून से लथपथ खड़ा था।

करीब जाकर देखा तो विदेशी निकले

दीपक ने कहा- ये तो विदेशी लग रहे हैं। उसका साथी देवेंद्र चौंक कर बोला- लेकिन ये इतनी रात को यहां अकेले कर क्या रहे हैं? दूसरी तरफ दोनों कुछ बड़बड़ा रहे थे, जो दीपक और देवेंद्र को समझ नहीं आया, शायद इंग्लिश में कुछ बोल रहे थे। दोनों ने उनकी भाषा नहीं समझी, लेकिन ये समझ चुके थे कि दोनों के साथ कोई हादसा हुआ है। इसलिए देरी न करते हुए उन्हें सीधे दतिया सिविल लाइन पुलिस स्टेशन ले गए।

पुलिस स्टेशन में एक और मुश्किल खड़ी हो गई। थाने में खड़े दोनों विदेशी डरे-सहमे लगातार इंग्लिश में कुछ कहने की कोशिश कर रहे थे, मगर थाने में कोई उनकी बात समझ नहीं पा रहा था।

प्रोफेसर ने बताया कि गैंगरेप का केस है

कांपती आवाज के साथ वे बार-बार इशारों में समझाने की कोशिश करते रहे। दोनों इंग्लिश में बात कर रहे थे। टीआई आरके सिंह इंग्लिश नहीं जानते थे, लेकिन उन्हें मामला समझते देर न लगी। टीआई ने किसी अनहोनी की आंशका और मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना देरी किए शहर के जाने-माने प्रोफेसर डॉ. रतन सूर्यवंशी को थाने बुलवा लिया।

शासकीय कॉलेज दतिया के प्रोफेसर डॉ. रतन सूर्यवंशी ने दोनों विदेशियों की आपबीती सुनी तो सन्न रह गए।

पुलिस के सामने कई सवाल

पुलिस के सामने अब कई सवाल थे। जैसे- ये विदेशी कपल इतनी रात को दतिया के जंगलों में क्या कर रहा था और उनके साथ ये घटना कैसे घटी? उन्होंने प्रोफेसर के सामने अपनी पूरी आपबीती सुनाई।

स्विटजरलैंड के रहने वाले मिस्टर जॉनसन और एमा (बदला हुआ नाम) को एडवेंचर बहुत पसंद था। दोनों को भारत भी उतना ही पसंद था। इसलिए दोनों ने साइकिल से भारत घूमने का प्लान बनाया। मिस्टर जॉनसन ने बताया कि उन्हें बड़े और ऐतिहासिक स्थल, शहर, गांव, भारत का कल्चर सबकुछ देखने की इच्छा थी, इसलिए हम साइकिल से पूरा भारत देखना चाहते थे।

15 मार्च की शाम करीब 6 बजे दोनों साइकिल से फर्राटे भरते हुए दतिया शहर पार कर चुके थे। आगे बढ़ते-बढ़ते वे झरिया गांव के पास पहुंचे। यह इलाका घने जंगल से घिरा हुआ है। अंधेरा होने लगा था इसलिए रुकने के लिए कोई होटल या सुरक्षित स्थान नहीं दिखा। दोनों ने जंगल में ही रात बिताने का फैसला किया।

फिर उस रात जो हुआ वो कभी भूल नहीं सकते

रात करीब आठ बज रहे थे। सब कुछ शांत था, टेंट के अंदर एक टॉर्च की रोशनी में बैठे हुए दोनों आराम कर ही रहे थे, तभी कुछ लोगों की चहल-पहल सुनाई दी। जॉनसन ने टेंट से बाहर निकलकर देखा तो 6-7 लोग उनकी टेंट की तरफ आ रहे थे। सभी की उम्र 20 से 30 के बीच लग रही थी। इनमें से एक हाथ में दुनाली बंदूक थी, बाकियों के हाथ में डंडा था। जॉनसन ने उनका इरादा जल्द ही भांप लिया।

जॉनसन ने पुलिस को बताया- 6-7 हिंदी बोलने वाले लोग अचानक टेंट के पास आ गए और हमसे पैसे मांगने लगे। हमारे पास 500-500 रुपए के नोट थे, हमने उन्हें 10 हजार रुपए दे दिए।

पैसे मिलने के बाद उन्होंने जॉनसन को पीटना शुरू कर दिया और जमीन पर गिरा दिया। तीन लोग जॉनसन को पकड़कर टेंट से थोड़ी दूर ले गए।

उसके हाथ पीछे बांधे और एक-एक कर एमा के साथ रेप करने लगे। सभी ने बारी-बारी से एमा का रेप किया। एमा चीखती रही और उसका पति जॉनसन भी चिल्लाकर छोड़ देने की मिन्नतें करता रहा, लेकिन बदमाशों ने उनकी एक न सुनी। सुनसान जंगल में उनकी चीखें सुनकर मदद करने वाला भी कोई नहीं था।

एक घंटे तक रेप किया, फिर सामान लूटा

जॉनसन ने पुलिस को बताया- मुझे टेंट से दूर ले गए, दोनों हाथ बांधकर पीटने लगे। टेंट के पास एमा से गैंगरेप किया। मैं दूर था लेकिन एमा की चीख सुन रहा था। वो बारी बारी से आकर मुझे भी पकड़ कर रखे हुए थे।

इसके बाद बदमाश सामान लूट कर अंधेरे में फरार हो गए। ये सब करीब एक घंटे के अंदर हुआ। रात करीब 9 बज रहे थे, अचानक हुए हमले से दोनों डरकर सड़क की तरफ मदद मांगने के लिए दौड़े। दतिया-सेवढ़ा मुख्य मार्ग पर खड़े होकर दोनों आने जाने वालों को रोकने के लिए हाथ देने लगे। तभी दीपक त्रिवेदी और उनके मित्र देवेंद्र तिवारी बाइक से पहुंचे और उन्हें सिविल लाइन थाना, दतिया लेकर आए।

प्रोफेसर डॉ. रतन सूर्यवंशी ने जाॅनसन और एमा की आपबीती हिंदी में ट्रांसलेट की। इसके बाद पुलिस ने 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ रेप और लूट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया।

पीड़ित आरोपियों को पहचानते नहीं थे और न ही जंगल में कोई सीसीटीवी कैमरा था, जिससे उनकी पहचान हो सके। पुलिस के सामने आरोपियों को तलाशने की चुनौती थी।

पुलिस के सामने अब ये सवाल थे…

विदेशी दंपती से लूट और रेप करने वाले बदमाश कौन थे? क्या ये अचानक हुआ हादसा था या प्लान करके की गई वारदात थी? क्या इलाके में पहले भी ऐसी वारदात की शिकायतें थीं? वारदात के बाद सारे बदमाश कहां गायब हो गए? जॉनसन के अलावा कोई प्रत्यक्षदर्शी भी नहीं था, ऐसे में सुराग कैसे मिलेगा?

इनके जवाब जानिए कल क्राइम फाइल्स के पार्ट 2 में…



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