उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने शुक्रवार को नीमच जिले का दौरा किया। उन्होंने मनासा पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का सघन जायजा लिया। इस दौरान कमिश्नर ने नीमच के पीपली चौक में ‘संकल्प से समाधान’ शिविर का औचक निरीक्षण भी किया। शाम को कमिश्नर मनासा के वार्ड नंबर 2 पहुंचे और जीबीएस की संदिग्ध रोगी निधि भाटी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने निधि के स्वास्थ्य और इंदौर में चल रहे उपचार की जानकारी ली। कमिश्नर ने परिजनों को पेयजल की शुद्धता बनाए रखने और पानी उबालकर पीने की सलाह दी। क्षेत्र में बीमारी की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। संभाग आयुक्त ने मनासा के विभिन्न वार्डों में तैनात 15 स्वास्थ्य टीमों द्वारा किए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वे कार्यों का निरीक्षण किया। अब तक मनासा के 2200 से अधिक घरों में स्क्रीनिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। कमिश्नर ने बीएमओ को प्रतिदिन शाम को सर्वे टीमों की ब्रीफिंग करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर तत्काल कदम उठाए जाएं। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि संदिग्ध मरीजों के चिन्हांकन और उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। WHO की टीम के साथ बैठक इससे पहले, कमिश्नर आशीष सिंह ने मनासा डाक बंगला में भोपाल, उज्जैन और डब्ल्यूएचओ (WHO) से आई विशेषज्ञों की टीम के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके खद्योत सहित अन्य विशेषज्ञों ने संदिग्ध मरीजों की वर्तमान स्थिति और स्क्रीनिंग की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान एसडीएम किरण आंजना और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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