Harshit Rana: भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही ODI सीरीज में युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर पर ये आरोप लगता है कि हर्षित उनके चहेते खिलाड़ी हैं और इसलिए उन्हें लगातार टीम में मौका मिलता है. हालांकि, युवा पेसर ने पिछले कुछ समय से अपने प्रदर्शन से आलोचकों का मुंह बंद किया है. इस बीच उनकी एक दर्द भरी कहानी सामने आई है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय है.
भारत-न्यूजीलैंड एकदिवसीय सीरीज के बीच हर्षित राणा का एक इंटरव्यू सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने अपने संघर्ष की कहानी बताई है. उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें किसी भी टीम में जगह नहीं मिलती थी और वो अंदर से बिल्कुल टूट चुके थे. उन्होंने ये भी दावा किया कि वो हर दिन अपने पिता के सामने रोया करते थे.
हर्षित राणा का छलका दर्द
हर्षित राणा ने एक पॉडकास्ट में बताया कि उन्होंने अपने प्रारंभिक वर्षों में दिल्ली सर्किट में अपने शुरुआती संघर्षों के बाद असफलताओं से निपटना कैसे सीखा. मेन्सएक्सपी के साथ बातचीत में टीम इंडिया के उभरते हुए तेज गेंदबाज ने कहा, ”अब मुझे असफलता से निपटना आता है. मैंने वो 10 साल देखे हैं जब कुछ नहीं हुआ. मैं ट्रायल में जाता था और मेरा नाम नहीं आता था। मैं वापस आकर हर दिन अपने पिता के सामने रोता था. इसलिए अब मुझे लगता है कि असफलता का डर खत्म हो गया है, जो भी आएगा, मैं उसका सामना कर सकता हूं. मैंने हार मान लिया था, लेकिन मेरे पिता ने मुझे लगातार प्रेरित किया.”
बता दें कि हर्षित राणा ने 6 फरवरी, 2025 को अपना वनडे डेब्यू किया और तब से उन्होंने भारतीय टीम में नियमित खिलाड़ी के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है. अब तक खेले गए 13 वनडे मैचों में उन्होंने 23 विकेट लिए हैं और खेल के हर पहलू में अपने शानदार प्रदर्शन से लगातार प्रभावित किया है.
डेवोन कॉनवे को लगातार तीसरी बार बनाया शिकार
न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में खेले जा रहे तीसरे ODI में भी हर्षित राणा ने अपनी पहली गेंद पर ही विकेट लेकर सनसनी मचा दी. उन्होंने स्टार कीवी ओपनर डेवोन कॉनवे को इस सीरीज में लगातार तीसरी बार अपना शिकार बनाया.