बालाघाट का स्मार्ट विलेज… सरपंच मैडम ने बदली तस्वीर, होम स्टे से लेकर डिजिटल लाईब्रेरी तक, शहर भी फेल 

बालाघाट का स्मार्ट विलेज… सरपंच मैडम ने बदली तस्वीर, होम स्टे से लेकर डिजिटल लाईब्रेरी तक, शहर भी फेल 


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Balaghat smart village: टेकाड़ी गांव अन्य गांवों के लिए एक मॉडल बन गया है. सीमित संसाधनों के बावजूद नए इनोवेशन और बेहतर काम कैसे किया जा सकता है. यह दूसरी पंचायतों के लिए एक प्रेरणा है. लोकल 18 ने गांव की सरपंच रश्मि तारा कावरे से बातचीत की. जिन्होंने बताया कि गांव में कुल 13 पंच है. जिनमें से 9 महिलाएं है. यानी गांव का प्रतिनिधित्व महिलाएं कर रही है. उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकता गांव में पर्यटन को बढ़ावा देना है.

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का टेकाड़ी गांव जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित है, और इसे बालाघाट का स्मार्ट विलेज कहा जाता है. प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण इस जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. टेकाड़ी गांव ने अपनी क्षमता को पहचाना और अन्य गांवों से अलग पहचान बनाई. गांव की पंचायत ने कई आधुनिक सुविधाएं प्रदान की है.

टेकाड़ी गांव में पंचायत द्वारा मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है. जिससे गांव की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और आगंतुक भी प्रभावित होते है. यहां के युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के लिए एक आधुनिक जिम भी स्थापित की गई है. जिसमें गांव के लोग कसरत कर सकते है. इसके अलावा, गांव में एक लाइब्रेरी भी है. जहां बच्चों के लिए कई किताबें और मैगजीन उपलब्ध है.

गांव के निवासियों की सुविधा के लिए एक बाजार भी शुरू किया गया है और वेस्ट मैनेजमेंट के लिए पंचायत सक्रिय रूप से कार्यरत है. पर्यटन की दृष्टि से टेकाड़ी गांव में बेहतरीन संभावनाएं है. पंचायत के अंतर्गत खैरी और गांगुलपारा गांव भी आते है. जहां सुंदर वन, पहाड़ और झरने है. गांगुलपारा में अब बोटिंग भी शुरू हो चुकी है. जिससे पर्यटन और भी आकर्षक हो गया है. गांव में कई होम स्टे है. जहां पर्यटक न केवल रुक सकते है बल्कि बालाघाट की संस्कृति का अनुभव भी कर सकते है. छोटे-छोटे मकान और उनकी दीवारों पर बनाई गई पेंटिंग्स पर्यटकों को आकर्षित करती है.

टेकाड़ी गांव अन्य गांवों के लिए एक मॉडल बन गया है. सीमित संसाधनों के बावजूद नए इनोवेशन और बेहतर काम कैसे किया जा सकता है. यह दूसरी पंचायतों के लिए एक प्रेरणा है. लोकल 18 ने गांव की सरपंच रश्मि तारा कावरे से बातचीत की. जिन्होंने बताया कि गांव में कुल 13 पंच है. जिनमें से 9 महिलाएं है. यानी गांव का प्रतिनिधित्व महिलाएं कर रही है. उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकता गांव में पर्यटन को बढ़ावा देना है. जिससे न सिर्फ पर्यटक आकर्षित होंगे बल्कि गांव के लोगों को रोजगार भी मिलेगा. शिक्षा के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है ताकि गांव के बच्चे गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त कर सके और अपना जीवन बेहतर बना सके.

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बालाघाट का स्मार्ट विलेज… सरपंच मैडम ने बदली तस्वीर, गांव के आगे शहर भी फेल 



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