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Jabalpur News: शहर में भारी वाहनों के आवागमन पर सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक नो एंट्री होती है. लेकिन इसके बावजूद शहर के भीतर सुबह से लेकर दोपहर तक भारी वाहन प्रवेश कर जाते है. जिससे न सिर्फ सड़कों पर जाम लगता है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है. इन्हीं समस्याओं को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बच्चों के बुलडोजर के साथ प्रदर्शन किया और एसपी को ज्ञापन सौंपा.
जबलपुरः मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला. जहां नो एंट्री में भारी वाहनों से परेशान लोग जबलपुर एसपी के पास ट्रक और डंपर के खिलौने लेकर पहुंचे. जैसे ही पुलिसकर्मियों ने ट्रक और डंपर के खिलौने देखे. एसपी ऑफिस में मौजूद लोग और पुलिसकर्मी जमकर हंस पड़े. प्रदर्शनकारी प्रतीकात्मक तरीके से बच्चों के खिलौने वाले डंपर और ट्रक लेकर आए थे.
दरअसल, शहर में भारी वाहनों के आवागमन पर सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक नो एंट्री होती है. लेकिन इसके बावजूद शहर के भीतर सुबह से लेकर दोपहर तक भारी वाहन प्रवेश कर जाते है. जिससे न सिर्फ सड़कों पर जाम लगता है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है. इन्हीं समस्याओं को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बच्चों के बुलडोजर के साथ प्रदर्शन किया और एसपी को ज्ञापन सौंपा.
टू व्हीलर और फोर व्हीलर की चेकिंग
सौरभ यादव ने बताया कि नो एंट्री होने के बावजूद जबलपुर शहर में भारी वाहनों का प्रवेश हो रहा है. शहर में टू व्हीलर और फोर व्हीलर की चेकिंग भी की जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे व्हीकल से चालानी कार्रवाई कर पैसे की वसूली की जाती है, जबकि ठेकेदारों और रसूखदारों की साठ-गांठ के चलते भारी वाहनों को ग्रीन सिग्नल दे दिया जाता है. जबलपुर में कई ऐसे एक्सीडेंट भी हो चुके है. जिससे कई घरों के चिराग बुझ चुके है.
यह है नो एंट्री के नियम
एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा के मुताबिक भारी वाहन जैसे ट्रक, डंपर आदि पर सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक प्रतिबंध रहता है. शहर में भारी वाहनों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाती है, जिसका उद्देश्य यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाए रखना है. यदि वाहन चालक नो एंट्री होने के बावजूद शहर में प्रवेश करते है तो वाहन जब्त करने के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई की जाती है.