भोपाल15 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग एक अक्टूबर से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराने जा रहा है। – फाइल फोटो
- अक्टूबर में हर विषय के दो पेपर्स की एक-एक यूनिट का सिलेबस पूरा करना होगा
- उच्च शिक्षा विभाग ने इसकी निगरानी के लिए 7 ओएसडी को कमान सौंपी
उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित सरकारी कॉलेजों में एक अक्टूबर से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होंगी। उच्च शिक्षा विभाग की इस कवायद में करीब 7 लाख छात्रों की जुड़ने की संभावना है। ऑनलाइन कक्षाएं चल रही है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए विभाग ने 7 ओएसडी को कमान सौंपी है। प्राचार्यों से कहा गया है कि अक्टूबर में हर विषय के दोनों प्रश्न पत्रों की एक-एक यूनिट का सिलेबस पूरा करना होगा। ऑनलाइन पढ़ाई का पूरा भार गेस्ट टीचर्स पर डाला जा रहा है, अब उन्होंने अपने प्रिंसिपल को पत्र लिखकर ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन मुहैया कराने की मांग की है, वरना वह पढ़ाने में असमर्थ रहेंगे।
असल में, सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने पहले से कोई तैयारी नहीं की, अब अचानक इसका आदेश जारी कर दिया, जिसका पूरा भार गेस्ट टीचर्स पर आ रहा है, इस पर उन्होंने अपने प्रिंसिपल को पत्र लिखकर एंड्रॉयड फोन और अन्य समस्याएं गिनाई हैं।
कॉलेजों ने कहा- गेस्ट टीचर्स समेत सभी प्रोफेसर्स अपने फोन से कराएं पढ़ाई
कॉलेजों ने अपने प्रोफेसर्स और गेस्ट टीचर्स को कह दिया है कि वो अपने फोन से ऑनलाइन पढ़ाई कराएं। लेकिन गेस्ट टीचर्स ने अपने प्रिंसिपल्स को मोबाइल न होने की समस्या बता दी है। इसमें शासकीय कला एवं वाणिज्य नवीन महाविद्यालय, शासकीय हमीदिया कॉलेज, बेनजीर महाविद्यालय, नूतन कॉलेज, गीतांजलि, एमएलबी कॉलेज और मोतीलाल महाविद्यालय और भेल कॉलेज आदि के गेस्ट टीचर्स के सामने समस्या खड़ी हो गई है।
इतनी सैलरी में एंड्रॉयड मोबाइल कहां से लाएं
गेस्ट टीचर्स का कहना है कि हमारी तनख्वाह 18-20 हजार रुपए है और कुछ कॉलेजों में तो 8-10 हजार रुपए ही मिलते हैं। ऐसे में हम एंड्रॉयड मोबाइल फोन कहां से लाएंगे। एंड्रॉयड फोन नहीं होगा तो हमारे ऑनलाइन क्लास लेना संभव नहीं होगा। हमने अपने प्रिंसिपल को समस्या बताई है, अगर हमें फोन की सुविधा मिलेगी तो हमारे पढ़ाना आसान हो जाएगा।
समस्याओं का समाधान भी ऑनलाइन होगा
संबंधित विषय के शिक्षक को नियमित छात्रों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाना होंगे ताकि वह ग्रुप बनाकर उनकी समस्याओं का ऑनलाइन समाधान कर सकें। कक्षाओं के संचालन की रैंडम चेकिंग भी की जाएगी।
प्रोफेसर घर से ले सकेंगे क्लास
खास बात यह है कि कोरोना के कारण जो प्रोफेसर कॉलेज आ रहे हैं वे कॉलेज से और जो प्रोफेसर घर पर हैं वे अपने घर से ही संबंधित विषयों की कक्षाएं लेंगे। सभी कक्षाओं के ऑनलाइन लिंक प्राचार्य के पास भी रहेंगे।
ऑनलाइन क्लास के लिए हमारी पूरी तैयारियां हैं
उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी डॉ. धीरेंद्र शुक्ल ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं की तैयारी पूरी हो गई है। इनसे करीब सात लाख छात्रोंं के जुड़ने की संभावना है। कॉलेजों को भी निर्देशित किया गया है कि वे टाइम टेबल का पालन करें। सभी पर नजर रखी जाएगी।