BCCI के बगावत… बांग्लादेश के डूबेंगे करोड़ों, टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने से कितना नुकसान, समझें गणित

BCCI के बगावत… बांग्लादेश के डूबेंगे करोड़ों, टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने से कितना नुकसान, समझें गणित


T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 पिछले 20 दिनों से चर्चा में बना हुआ हैं. बांग्लादेश मेगा टूर्नामेंट के लिए भारत दौरे पर न जाने की जिद पर आखिर तक अड़ा रहा. अब इस मुद्दे पर विराम लग चुका है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने (ICC) आईसीसी के बाहर करने के अल्टीमेटम के बाद भी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार करने का फैसला किया है. हालांकि, बांग्लादेश का ये फैसला पैर पर कुल्हाड़ी मारने से कम नहीं है क्योंकि टीम को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद भारी नुकसान होने वाला है. 

बांग्लादेश के डूब जाएंगे करोड़ों

बॉयकॉट का मतलब होगा कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों को मैच फीस, टूर्नामेंट बोनस और T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने से मिलने वाली प्राइज मनी का नुकसान होगा. बांग्लादेश अभी भी आईसीसी से आस लगाए बैठा है कि उन्हें श्रीलंका में खेलने दिया जाएगा. लेकिन आईसीसी ने 24 घंटे देकर हां या न में जवाब मांगा था. बांग्लादेश को इस फैसले के बाद करोड़ों का नुकसान होने वाला है.

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बांग्लादेश को होगा कितना नुकसान?

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार करने से बांग्लादेश को ICC की USD 500,000 की पार्टिसिपेशन फीस गंवानी पड़ेगी. ये लगभग 5 करोड़ भारतीय रुपये या 6.67 करोड़ बांग्लादेशी टका के बराबर है. अगर बांग्लादेश हिस्सा नहीं लेता है, तो उन बाजारों में ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर जहां टाइगर्स के मैचों को अच्छी खासी व्यूअरशिप मिलती (खासकर भारतीय उपमहाद्वीप में) वहां दर्शकों की संख्या कम हो सकती है. इससे बांग्लादेश की मौजूदगी और फैन फॉलोइंग से सीधे तौर पर जुड़ी संभावित ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू में कमी आएगी.

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बीसीबी ने किया अपना बचाव

नुकसान पर बीसीबी ने अपना रिएक्शन भी दिया है. BCB के अधिकारियों सार्वजनिक रूप से कहा है कि अगर बांग्लादेश पीछे हटता है तो बोर्ड को खुद कोई फाइनेंशियल नुकसान नहीं होगा. यह दावा करते हुए कि अधिकांश रेवेन्यू मौजूदा ICC समझौतों के तहत तय हैं. हालांकि, इसमें स्पॉन्सरशिप वैल्यू या भविष्य के द्विपक्षीय शेड्यूल जैसे संभावित अप्रत्यक्ष प्रभावों को शामिल नहीं किया गया है.



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