डिंडौरी में मंगलवार को शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे आवेदकों के साथ कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवेदक बड़ी उम्मीद से अपनी समस्याएं लेकर आते हैं, इसलिए उनका निराकरण एक या दो बार में ही होना चाहिए। विधायक ने सुनवाई के सिस्टम में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। इस जनसुनवाई में कुल 65 आवेदक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। समस्याओं का निराकरण न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग विधायक धुर्वे ने जनसुनवाई सभाकक्ष में पहुंचने से पहले आवेदकों से उनकी समस्याएं पूछीं। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि आवेदकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी मांग की कि जो अधिकारी समस्याओं का निराकरण नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। विधायक ने पुराने ढर्रे पर काम करने की प्रवृत्ति को बंद करने पर जोर दिया। 24 बार जनसुनवाई में की शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई समनापुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत भाजी टोला से आए आवेदक बैजनाथ तिवारी ने अपनी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने 2022 में ग्राम पंचायत को वर्क ऑर्डर मिलने के बाद रेत, गिट्टी और सीमेंट की आपूर्ति की थी। भुगतान मांगने पर सरपंच और सचिव यह कहकर टाल देते हैं कि काम अभी जारी नहीं है। बैजनाथ तिवारी ने बताया कि वे इस मामले में 24 बार जनसुनवाई में आ चुके हैं और सुनवाई न होने पर विधायक से संपर्क किया। पति के मृत्यु प्रमाण पत्र न मिलने की शिकायत मेंहदवानी जनपद पंचायत के गाजर टोला से आई ज्योति बाई ने बताया कि उनके पति रामफल यादव की मौत 7 अक्टूबर को मेहदवानी में निर्माणाधीन आईटीआई भवन से गिरने के कारण हुई थी। उनका इलाज जबलपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां उनकी मौत हो गई। अंतिम संस्कार के समय अंत्येष्टि सहायता राशि मिली थी, लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र न होने के कारण उन्हें शासकीय योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है। ठेकेदार के कर्मचारियों ने प्रमाण पत्र दिलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन महीने बीत चुके हैं। ज्योति बाई के तीन बच्चे हैं, जिनके भरण-पोषण में उन्हें कठिनाई हो रही है। शहपुरा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बड़खेरा के पोषक ग्राम भरद्वारा से दिव्यांग राजकुमारी मरावी भी कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचीं। वह राशन और ट्राई-साइकिल की मांग लेकर आई थीं।
Source link