बिजली कंपनियों के संविदा कर्मी परीक्षा के बाद होंगे नियमित: ऊर्जा विभाग ने सभी कंपनियों से नियमितीकरण पर परीक्षण रिपोर्ट मांगी – Bhopal News

बिजली कंपनियों के संविदा कर्मी परीक्षा के बाद होंगे नियमित:  ऊर्जा विभाग ने सभी कंपनियों से नियमितीकरण पर परीक्षण रिपोर्ट मांगी – Bhopal News




मध्य प्रदेश में बिजली कंपनियों में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों को परीक्षा के माध्यम से नियमित पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। ऊर्जा विभाग ने इसके लिए संविदा पदों पर नई नियुक्तियां बंद कर दी हैं और प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इस बीच यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स के ज्ञापन के बाद ऊर्जा विभाग ने बिजली कंपनियों के एचआर (मानव संसाधन) विभाग की समिति से यह परीक्षण रिपोर्ट मांगी है कि क्या संविदा कर्मचारियों को सीधे नियमित पदों पर संविलियन किया जा सकता है। इस पत्र के सामने आने के बाद बिजली कंपनियों में कार्यरत करीब पांच हजार संविदा कर्मचारी उत्साहित हैं। एसोसिएशन ने नियमित पदों पर सीधे संविलियन की मांग की है ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में संविदा कर्मचारियों को 50 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति देने का नियम प्रभावशील है। इसमें शासन द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। एक अधिकारी के मुताबिक, एसोसिएशन ने नियमित पदों पर सीधे संविलियन की मांग की है, लेकिन यह संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को परीक्षा में छूट देने के साथ-साथ अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था का प्रस्ताव है, हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। परीक्षा इसलिए आयोजित की जाएगी ताकि मेरिट सूची तैयार की जा सके। यह भी ध्यान रखा जाएगा कि परीक्षा में अनुभव आधारित प्रश्न शामिल किए जाएं, ताकि संविदा कर्मचारियों को उत्तर देने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके बाद जो मेरिट सूची तैयार होगी, उसी के आधार पर नियमित पदों पर सीधी भर्ती से चयनित अभ्यर्थियों और संविदा कर्मचारियों (जिन्हें परीक्षा में छूट मिलेगी) की संयुक्त मेरिट सूची बनाकर उन्हें नियमित किया जा सके। पत्र के बाद बिजली कंपनी के संविदा कर्मियों में हलचल ऊर्जा विभाग ने एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के एमडी को पत्र लिखकर कहा है कि यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स की ओर से ऊर्जा मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पुनरीक्षित संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर संविलियन करने की मांग की गई है। इस संबंध में फोरम द्वारा आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं। इसी के चलते विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के संविलियन के प्रस्ताव का परीक्षण एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें सभी विद्युत कंपनियों के मानव संसाधन (एचआर) प्रमुखों की समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा के आधार पर 15 दिन के भीतर परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि इस विषय में निर्णय लिया जा सके। यह पत्र अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इसके आधार पर बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारी स्वयं को नियमित होने की स्थिति में मान रहे हैं, जबकि ऊर्जा विभाग के अधिकारी इस तरह की किसी भी स्थिति से पूरी तरह इनकार कर रहे हैं।



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