धार की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े विवाद में कानूनी प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अंतिम सुनवाई के लिए मप्र हाई कोर्ट को सौंप दिया है। अब सुनवाई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठतम न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भोजशाला से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं पर निर्णय लेने के लिए हाई कोर्ट पूरी तरह स्वतंत्र रहेगा। यह भी निर्देश दिया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 98 दिनों के वैज्ञानिक सर्वे की रिपोर्ट 3 सप्ताह (21 दिन) में सार्वजनिक करें। आगे क्या? रिपोर्ट दोनों पक्षों को मिलेगी
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