Jabalpur News: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश कर दिया है. बजट पेश होने के बाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जबलपुर (JCCI) के सदस्यों ने एक-दूसरे को हलवा खिलाकर बजट का स्वागत किया. हालांकि, बजट को लेकर उद्योग और व्यापार जगत की राय पूरी तरह एक जैसी नहीं दिखी. कहीं संतोष तो कहीं असंतोष भी नजर आया.
बजट में चीनी कम, लेकिन स्वास्थ्य के लिए बेहतर
जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमल ग्रोवर ने बताया, बजट में चीनी जरूर कम थी, लेकिन यह बजट लॉन्ग टाइम बजट है. चीनी खाने पर लाइफ लंबी होती है, लेकिन अधिक चीनी खाने से डायबिटीज भी हो जाती है. डॉक्टर के चंगुल में भी फंस जाते हैं. लॉन्ग टाइम इस बजट का परिणाम भविष्य में देखने को मिलेगा. यह बजट आज की परिस्थितियों को देखते हुए संतुलित बजट और लाभकारी बजट है.
व्यापारी दीपक सेठी ने बताया, हम सभी व्यापारियों को जिस तरीके से बजट से उम्मीदें थी, बजट 80 फीसदी वैसा ही रहा है. यदि एक लाइन में कहा जाए तो यह बजट कृषि, युवा, नौकरी और स्वास्थ्य के लिए बेहतर है. यह बजट व्यापारियों और आम लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. इससे सभी वर्ग काफी खुश है. एक हलवा दिल्ली में बनाया गया और एक हलवा जबलपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स में बनाया गया. जिसे हम सभी ने मिलकर खाया है. बजट में जैसे-जैसे सौगातें आ रही थीं, वैसे-वैसे हलवे में ड्राई फ्रूट्स डाले जा रहे थे.
ट्रांसपोर्ट सेक्टर में नाराजगी
ट्रांसपोर्ट व्यवसायी नरेंद्र सिंह ने बताया, डीजल के दाम कम होने की काफी उम्मीद थी, लेकिन बजट में यह देखने को नहीं मिला. यदि डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता, तब काफी हद तक ट्रांसपोर्टर सहित आमजन को राहत मिलती. कई चीजों के दाम कम होते, जिसका फायदा हर वर्ग को होता और महंगाई से भी राहत मिलती. लेकिन, बजट में ट्रांसपोर्टर को लेकर कुछ खास नहीं था.
दवाओं और कपड़े इंडस्ट्री में काफी राहत
प्राची नामदेव ने बजट को आंशिक रूप से राहत देने वाला बताया. उन्होंने कहा, गंभीर बीमारियों की दवाओं और चमड़े से जुड़ी जरूरत की वस्तुओं पर राहत मिली है. कपड़ा इंडस्ट्री में नए अवसर की उम्मीद है. हालांकि, टैक्स स्लैब, महिला उद्यमिता और एआई प्रशिक्षण को लेकर कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई. बहरहाल अब देखना होगा, आमजन और व्यापारियों को आने वाले समय में बजट से कितनी राहत मिलती है.