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ग्वालियर नगर निगम की बैठक में जमकर हंगामा हुआ, जब भाजपा पार्षदों ने शहर की सड़कों पर बने गेटों को ट्रैफिक में बाधक बताया है. वहीं कांग्रेस के पार्षदों ने शहर के चौराहों पर लगी मूर्तियों को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के खिलाफ बताया. दोनों ही पक्ष अपनी बात पर अड़े रहे.
Gwalior Municipal Corporation: ग्वालियर नगर निगम की बैठक के दौरान जमकर बवाल हुआ. भाजपा पार्षदों ने शहर की सड़कों पर बनाए गए गेट को कांग्रेसकरण करने का आरोप लगाते हुए ट्रैफिक में बाधक बताया, तो कांग्रेस ने पलटवार करते हुए चौराहों पर लगाई गई प्रतिमाओं को ही सुप्रीम कोर्ट के नियमों के विरुद्ध बताकर हटाने की मांग कर दी. जबकि नगर निगम की बैठक लोगों को मुद्दे सुलझाने के लिए हुई थी.
ग्वालियर नगर निगम परिषद में आयोजित बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा चल रही थी. इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के पार्षद बृजेश श्रीवास ने शहर में महापुरुषों के नाम पर बनाए गए दर्जनभर से ज्यादा गेट को यातायात में बाधक बताते हुए,उन्हें हटाने की मांग कर डाली. भाजपा पार्षद का आरोप था कि इन गेट के बहाने कांग्रेस अपना प्रचार कर रही है.
कांग्रेस पार्षदों ने भी किया पलटवार
भाजपा पार्षद की मांग के बाद नगर निगम की बैठक में मौजूद कांग्रेस पार्षदों ने जमकर हंगामा किया. कांग्रेसी पार्षद अवधेश कौरव ने पलटवार करते हुए कहा कि महापुरुषों के नाम पर बने गेट के पिलर सड़क के दोनों किनारों पर होते हैं, जिसके चलते यातायात में कोई बाधा नहीं होती. साथ ही कांगेस पार्षदों ने कहा कि शहर में कई चौराहों पर मूर्तियां लगा दी गई हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के खिलाफ हैं और यातायात में बाधक बन रही हैं. ऐसे में गेट से पहले इन प्रतिमाओं को हटाया जाना चाहिए.
नगर निगम कराएगा स्वागत द्वार का सर्वे
हंगामा बढ़ता देख नगर निगम सभापति ने कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों को शांत कराया साथ ही नगर निगम कमिश्नर को इस मामले में उचित जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए. नगर निगम कमिश्नर संघप्रिया ने कहा कि जो भी नए स्वागत द्वार बनाए गए हैं इनका सर्वे कराया जाएगा, अगर ट्रैफिक में बाधक होंगे तो जानकारी इकट्ठा कर नगर निगम परिषद में रखी जाएगी और उसके बाद उन पर उचित फैसला किया जाएगा.