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Sheopur News: कूनो नेशनल पार्क की चीता आशा ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया. इन नए शावकों के साथ कूनो में भारत में जन्मे चीतों की संख्या 24 और देश में कुल संख्या 35 हो गई है. अधिकारियों के अनुसार यह अफ्रीका से भारत लाए गए चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम की बड़ी सफलता है.
Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क से एक अच्छी खबर सामने आई है. आशा नाम की चीता, जिसका नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर साल 2022 में रखा था, ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है.इन नए शावकों के जन्म से भारत में चीतों को फिर से बसाने की कोशिशों को बड़ी मजबूती मिली है. इन पांच नए शावकों के साथ अब कूनो में भारत में जन्मे चीतों के बच्चों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है. वहीं, देश में कुल चीतों की संख्या अब 35 पहुंच गई है. श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों ने इसे अफ्रीका से भारत लाए गए चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम की बड़ी सफलता बताया है. अधिकारियों के मुताबिक, लगातार सफल ब्रीडिंग से यह साफ होता है कि चीते अब भारतीय परिस्थितियों में अच्छी तरह ढल रहे हैं.
शावकों पर 24 घंटे नजर
अधिकारियों के मुताबिक, आशा और उसके शावकों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. वन्यजीव डॉक्टर और फील्ड स्टाफ उनके व्यवहार, भोजन और स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी कर रहे हैं. फिलहाल, सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं. इससे जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए भी साझा की जा रही है.
MP और पूरे देश के लिए गर्व का पल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चीतों के जन्म को मध्य प्रदेश और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया है. वहीं, हाल ही में नई दिल्ली में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच हुई बैठक के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ और चीते मध्य प्रदेश लाए जाएंगे. बैठक में अगले चरण के तहत चीतों के परिवहन, क्वारंटाइन और निगरानी व्यवस्था पर चर्चा हुई. आशा को सबसे पहले नामीबिया में चीता कंजर्वेशन फंड (CCF) के पास एक बिजनेसमैन के फार्म से पकड़ा गया था. कुछ समय बाद उसे वहीं दोबारा पकड़ा गया. भारत लाए जाने से पहले वह काफी संघर्ष झेल चुकी थी.
आशा को 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से सात अन्य चीतों के साथ विशेष विमान से कूनो लाया गया था. भारत आने के बाद उसकी सेहत को लेकर कुछ चिंताएं सामने आई थीं, जिसके बाद एक मेडिकल टीम को तुरंत कूनो भेजा गया. इलाज के बाद आशा पूरी तरह स्वस्थ हो गई, उसने जल्दी ही नए माहौल में खुद को ढाल लिया और नियमित रूप से शिकार भी करने लगी. वह वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और राज्य के वन विभाग की निगरानी में रही.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें