मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल को लापता हुए एक महीना हो चुका है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वे कहां हैं। न परिवार को कोई जानकारी है, न ही करीबी कुछ बता पा रहे हैं। 20 दिन पहले तक उनके लौटने की उम्मीद थी, लेकिन समय बीतने के साथ मामला गहर
.
10 दिन पहले सामने आए विधायक के वीडियो ने चिंता और भी बढ़ा दी थी। वीडियो में वे डरे हुए नजर आते हैं और परिवार को घर से बाहर न निकलने, गेट बंद रखने और माहौल असुरक्षित होने की बात कहते हैं।
विधायक के वापस नहीं लौटने पर भास्कर टीम रीवा से 70 किलोमीटर दूर उनके घर पर पहुंची। यहां कार्यालय बंद था और परिवार ने भीतर से ताला लगा रखा था। परिवार का कहना है कि एक गैंग के डर ने विधायक को अज्ञातवास में जाने और उनके परिवार को खौफ के साए में जीने पर मजबूर कर दिया है। दस दिन पहले विधायक का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने खुद को असुरक्षित बताया था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
भाजपा विधायक प्रदीप पटेल एक महीने से लापता है। परिवार भी घर में ताला लगाकर रह रहा है।
पहले पढ़िए…वीडियो में विधायक और पोते (अर्जुन) की बातचीत के अंश
- विधायक- बेटा अर्जुन कहा हो?
- अर्जुन – बब्बा जी घर में है।
- विधायक- घर में हो तो बेटा घर में ही रहना।
- अर्जुन- जी।
- विधायक- बाहर बिल्कुल नहीं निकलना है और कोई लोग आएंगे तो उन्हें बैठाना है।
- अर्जुन- जी।
- विधायक- कोई सामान की जरूरत होती है तो ऑनलाइन मंगा लेना, पर थोड़ा सा जब घर जाना रीवा तो भाभी को भी समझा देना। वह हमें को डरवा रही थी कि बाहर मत जाओ हम इसलिए भोपाल आ गए।
- अर्जुन- जी।
- विधायक- अपने सेवा कार्य जो चल रहे हैं। वह जारी रखें रहना जनता की जो समस्याएं हैं, लेटर पैड से भेजते रहना। अधिकारियों के साथ जो मीटिंग होगी तो तुम अटेंड कर लेना मेरा जाना ना के बराबर होगा।
- अर्जुन- हां।
- विधायक- सब चीज इस तरह रहे 3 साल बाद देखेंगे राजनीति अपने को नहीं करना है जो लोग करेंगे बच बचाकर करना।
- अर्जुन- लोग डरे हुए हैं, कहते हैं कि जब हमारा जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं है तो हम लोग कैसे सुरक्षित रहेंगे? लोग पूछ रहे हैं विधायक जी कहां है?
- विधायक- मेरे पास भी फोन आ रहे हैं। बहुत सारे मिस कॉल पड़े हैं, उनको समझाएं, सब को नहीं समझाया जा सकता है। तुम्हारा काम है, सबको समझना कोई भी आक्रोषित ना हो, और आक्रोषित होने की जरूरत होने की जरूरत नहीं है, थोड़ा सा देखना कोई भी आए और घंटी बजाई तो दरवाजा नहीं खोलना है। अभी कोई भी बोल देना कि कोई चीज चाहिए तो ऑनलाइन मंगा लेगा बाहर नहीं निकलेगा।अर्जुन- हां।
- विधायक- पूछेगा तो क्यों तो बताना नहीं है, जो चीजें मांगना होगा, ऑनलाइन मंगा लेना।

दस दिन पहले विधायक प्रदीप पटेल ने पोते अर्जुन से वीडियो कॉल पर बात की थी।
अब पढ़िए विधायक के घर का माहौल…कैद है परिवार
भास्कर टीम भाजपा विधायक प्रदीप पटेल के घर पहुंची तो वहां सन्नाटा फैला हुआ था। परिवार सेकेंड फ्लोर पर रहता है, लेकिन नीचे से देखने पर आसपास कोई दिखाई नहीं दिया। अंदर दाखिल होने पर पार्किंग में दो फोर व्हीलर खड़ी थीं। दाईं ओर विधायक का कार्यालय दिखा, जहां उनका नाम और मिलने का समय लिखा था, लेकिन दफ्तर बंद मिला। आगे ‘जन सेवा दरबार’ लिखी दीवार पर विधायक की तस्वीरें टंगी थीं, मगर वहां भी कोई मौजूद नहीं था।
हालात समझने के लिए ऊपर पहुंचे तो चैनल गेट अंदर से बंद और ताले में था। काफी आवाज देने पर विधायक प्रदीप पटेल का पोता अर्जुन पटेल बाहर आया। चैनल गेट के अंदर से बंद का कारण पूछा तो अर्जुन ने कहा कि सीरियस थ्रेट है। इसलिए पिछले 1 महीने से कोई भी घर का सदस्य बाहर नहीं निकल रहा है। पूरा परिवार खौफ के साए में जी रहा है।
हर समय चैनल गेट बंद रहता है और अंदर से ताला डला रहता है, ताकि कोई भी हमला करने भीतर न घुस आए। न कोई बाहर का आदमी अंदर आ सकता और न कोई भीतर का व्यक्ति बाहर जाता। विधायक जी की तरफ से यही निर्देश मिले हैं। बहुत दिनों पहले उनका फोन आया था तब से उनकी कोई जानकारी नहीं। बस उनके कहने के मुताबिक हम लोग फॉलो कर रहे हैं, क्योंकि कोई पता नहीं कि कब हमला हो जाए। पड़ताल में पता चला कि विधायक और उनके परिवार के इस डर के पीछे तीन प्रमुख मामले हैं…आइए उनके बारे में विस्तार से बताते हैं।

विधायक के घर के लोग पिछले 1 माह से चारदीवारी में कैद हैं
विधायक और उनके परिवार को दहशत में डालने वाली तीन घटनाएं
- 1) धमकी भरा फोन कॉल: अर्जुन पटेल को फोन पर गंभीर धमकी दी गई। कॉल करने वाले ने विधायक और उनके परिवार पर बार-बार उनके “धंधे” में दखल देने का आरोप लगाया और पूरे परिवार को घर से उठा लेने की चेतावनी दी। इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
- 2) घर के आसपास नकाबपोशों की रेकी: परिवार का कहना है कि कई दिनों से नकाबपोश और संदिग्ध लोग घर के आसपास घूम रहे हैं। वे खड़े होकर घर की निगरानी करते हैं और आने-जाने वालों पर नजर रखते हैं। इससे परिवार में लगातार डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
- 3) हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं: परिजनों के मुताबिक विधायक पर 3 से 4 बार हमले हो चुके हैं और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है। आखिरी हमला 3 जनवरी को हुआ, जब उन पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जान से मारने की कोशिश की गई।
30 डिसमिल जमीन का विवाद कैसे बना बड़ा घटनाक्रम
मऊगंज में लल्लू पांडे और विनोद मिश्रा के बीच 30 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद था। सितंबर 2025 में तहसील ने जमीन पर स्थगन आदेश जारी किया, जो अब तक बरकरार है। इसके बावजूद वहां निर्माण कार्य चलता रहा। शिकायत मिलने पर विधायक प्रदीप पटेल ने पुलिस प्रशासन को जानकारी दी, लेकिन काम नहीं रुका।
विनोद मिश्रा ने बताया कि उन्होंने पहले अपने स्तर पर बात करने की कोशिश की। जब कोई असर नहीं हुआ तो विधायक को पूरे मामले से अवगत कराया और स्थगन आदेश भेजा। विधायक ने पुलिस को निर्देश देकर निर्माण रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद विधायक खुद सुलह कराने विवादित स्थल पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी से माहौल बिगड़ गया और नारेबाजी शुरू हो गई। इसी दौरान कुछ लोग डीजल लेकर पहुंचे और विधायक पर डालकर उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की गई। आरोप है कि इस हमले में मूसा गैंग के लोग भी शामिल थे, जिनका जमीन विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था।

भाजपा विधायक का ऑफिस भी सुनसान पड़ा हुआ है। नागरिक भी देखकर वापस चले जाते हैं।
भास्कर ने विधायक के परिवार से सीधे सवाल किए। पढ़िए सवाल-जवाब के अहम अंश-
सवाल: मूसा गैंग विधायक को क्यों निशाना बनाना चाहती है? विधायक की पत्नी सावित्री पटेल ने बताया कि विधायक अवैध और मेडिकल नशे के खुले तौर पर विरोधी हैं। मूसा गैंग नशीली सामग्रियों के कारोबार से जुड़ी है, इसलिए विधायक का रुख गैंग को नागवार गुजर रहा है।
सवाल: सत्ताधारी विधायक को मूसा गैंग से डरने की क्या जरूरत है? विधायक के पोते अर्जुन ने कहा कि यह कोई छोटी गैंग नहीं है। इसमें वर्तमान में 300 से अधिक सक्रिय सदस्य हैं, जिनसे खतरा बना रहना स्वाभाविक है।
सवाल: मूसा गैंग विधायक पर कैसे हावी है? अर्जुन के मुताबिक गैंग का नेटवर्क यूपी से लेकर एमपी तक फैला है। यूपी से नशीली सामग्री लाकर मऊगंज में सप्लाई की जाती है, जिससे गैंग को बड़ी आमदनी होती है।
सवाल: क्या मूसा गैंग के पास विधायक से ज्यादा पैसा और पावर है? अर्जुन ने बताया कि गैंग के पास बेहिसाब पैसा है। एक जैसे पैटर्न की वीआईपी नंबर वाली गाड़ियों के काफिले और हाई-प्रोफाइल जीवनशैली उनकी ताकत दिखाती है। अवैध कमाई के दम पर वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।

मूसा गैंग से जुड़ा हुआ समूह कैमरे में कैद हुआ था।
मूसा गैंग को जानिए, जिसने विधायक को डराया और थाने पर हमला किया
भाजपा विधायक प्रदीप पटेल पहले ही मूसा गैंग से जान का खतरा होने की बात कह चुके थे। इसके बाद जब उनके परिवार ने भी दहशत की पूरी कहानी सामने रखी, तो भास्कर ने यह पड़ताल शुरू की कि आखिर मूसा गैंग कौन है और इसकी आपराधिक ताकत क्या है। जांच के दौरान पुलिस का अहम दस्तावेज हाथ लगा, जिसने मूसा गैंग की आपराधिक गतिविधियों की पुष्टि कर दी। यह बात मऊगंज थाना प्रभारी की रोजनामचा डायरी से साबित होती है।
29 जनवरी 2025 की रात 1:05 बजे की गई इस एंट्री में मऊगंज थाना प्रभारी निरीक्षक ने आशंका जताई थी कि मूसा गैंग से जुड़े लोग उनकी हत्या करा सकते हैं। डायरी के अनुसार, 28 जनवरी की रात करीब 10:30 बजे 40-50 लोग थाने पहुंचे थे, जिनमें कई के चेहरे ढके हुए थे। इन लोगों ने थाने में गाली-गलौज की, धमकियां दीं और अभद्र व्यवहार किया।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि टीआई को हटवाने, झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी थी। हालात बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल और एएसपी को मौके पर बुलाना पड़ा। डायरी के अंतिम हिस्से में थाना प्रभारी ने लिखा है कि ये लोग गंभीर अपराधों और शराब तस्करी से जुड़े हैं तथा मूसा गैंग के सदस्य हैं, जिनसे उनकी जान को गंभीर खतरा है।

3 जनवरी को में मूसा गैंग के लोग भी भीड़ के साथ हमले की नीयत से शामिल हो गए थे।
जनता बोली-अब हमारी बात कौन सुने
स्थानीय निवासी सुनील प्रजापति ने बताया कि उन्हें विधायक से जरूरी काम के सिलसिले में मिलना था, लेकिन पिछले एक महीने से विधायक लापता बताए जा रहे हैं। न उनसे संपर्क हो पा रहा है और न ही क्षेत्र की समस्याएं सुनी जा रही हैं। लोग अपनी शिकायतें लेकर भटकने को मजबूर हैं। जनप्रतिनिधि के अनुपस्थित रहने से जनप्रतिनिधित्व पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस का हमला—सुशासन पर सवाल
कांग्रेस नेता विनोद शर्मा ने कहा कि भाजपा शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा का विधायक ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
एसपी बोले-डरने की जरूरत नहीं
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने कहा कि विधायक को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। किसी तरह के खतरे की कोई ठोस सूचना नहीं है। पुलिस प्रशासन सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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