वह मुस्लिम शख्स, जिसके चलते होने जा रहा भारत-पाकिस्तान मैच, पर्दे के पीछे कैसे किया खेल?

वह मुस्लिम शख्स, जिसके चलते होने जा रहा भारत-पाकिस्तान मैच, पर्दे के पीछे कैसे किया खेल?


Ind vs Pak T20 World Cup: पाकिस्तान आखिरकार अपने घुटनों पर आ गया. वह भारत के साथ टी20 वर्ल्ड कप का मैच खेलने को राजी हो गया है. अब 15 फरवरी 2026 को भारत-पाकिस्तान का मैच तय है. तय कार्यक्रम के अनुसार कोलंबो में भारत-पाक की टीमें आमने-सामने होंगी. हालांकि, एक दिन पहले तक लग रहा था कि यह मैच नहीं होगा. 10 दिनों की नौटंकी के बाद पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को खेलने का आदेश दे दिया है. पाकिस्तान सरकार ने बांग्लादेश के साथ खड़े होने के नाम पर मैच बहिष्कार की धमकी दी थी. मगर अब सब बदल चुका है. भारत और पाकिस्तान का मैच इंतजार करने वाले क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह की लहर है.

अगर पाकिस्तान भारत के साथ मैच खेलने को राजी हुआ है, तो इसके पीछे एक शख्स का बड़ा हाथ है. उस शख्स का नाम है- इमरान ख्वाजा. सिंगापुर के रहने वाले इमरान ख्वाजा ही वह शख्स हैं, जिन्होंने पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी के दिमाग ठिकाने लगाए. उन्होंने पाकिस्तान को कभी पेनाल्टी की धमकी देकर तो कभी समझा-बुझाकर खेलने के लिए राजी किया. मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाले इमरान ख्वाजा आईसीसी के डिप्टी चेयरमैन हैं. उनकी उम्र 64 साल है और वह वकील भी हैं. उन्होंने पर्दे के पीछे इतना चुपचाप काम किया कि भारत-पाक मैच बच गया. उन्होंने केवल मीटिंग्स और बातचीत से सब सुलझा दिया.

क्या था मामला?
दरअसल, बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों से भारत में मैच खेलने से मना करने पर टी20 विश्व कप 2026 से बाहर कर दिया गया. बांग्लादेश ने पहले भारत में खेलने से मना कर दिया था. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश का साथ दिया और उसने ऐलान किया कि वह भी टीम इंडिया के साथ नहीं खेलेगा. मोहसिन नकवी की जिद से सब सोच रहे थे कि 15 फरवरी का मैच कैंसल हो जाएगा. क्रिकेट फैन्स मायूस थे. उन्हें लगा कि अब वे भारत-पाक का हाईवोल्टेज वाला मैच नहीं देख पाएंगे. मगर इमरान ख्वाजा के चलते यह संभव हो पाया है. भारत-पाक रे बीच मैच हो, इसके लिए उन्होंने खूब मेहनत की.

आईसीसी का शांत मिडिएटर

कहा जाता है कि जब भी आईसीसी (ICC) को एक शांत मिडिएटर अथवा फिक्सर की जरूरत होती है, कोई ऐसा जो सत्ता से बात कर सके और उसे भड़काए नहीं, तो इमरान ख्वाजा का नाम बार-बार आता है. जब लगा कि अब पाकिस्तान के अडिग रवैये के कारण 15 फरवरी का मैच नहीं हो पाएगा तो ICC ने हालात को संभालने और क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी को बचाने के लिए अपने डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा की ओर ही रुख किया.

भारत-पाक मैच में सिंगापुर के रहने वाले इमरान ख्वाजा का रोल अहम है.

पॉलिटिकल तूफ़ान में एक न्यूट्रल आवाज़

इमरान ख्वाजा सिंगापुर क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि और लंबे समय से ICC के पावरब्रोकर रहे हैं. उन्हें एक न्यूट्रल व्यक्ति के तौर पर देखा जाता है. फुल और एसोसिएट सदस्यों में उनका सम्मान है. सबकॉन्टिनेंट और उससे बाहर के एडमिनिस्ट्रेटर उन पर भरोसा करते हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ बैक-चैनल बातचीत करने और वर्ल्ड कप शेड्यूल में भारत बनाम पाकिस्तान मैच को बनाए रखने का कोई तरीका खोजने की जिम्मेवारी उन्हीं के कंधों पर थी.

बोर्डरूम के दरवाज़े के पीछे की ताकत
ख्वाजा 2008 से ICC के इनर सर्कल का हिस्सा रहे हैं और 2017 से डिप्टी चेयर हैं. उन्होंने ऑर्गनाइज़ेशन की कुछ सबसे असरदार कमेटियों- फाइनेंस और कमर्शियल अफेयर्स, नॉमिनेशन, मेंबरशिप और डेवलपमेंट- की अध्यक्षता की है और उनमें काम किया है. वे ICC के मॉडर्न संविधान के एक मुख्य आर्किटेक्ट हैं, जिसने वोटिंग पावर को नया रूप दिया और एसोसिएट देशों को एक मज़बूत आवाज़ दी.

आईसीसी में छोटे देशों के चैंपियन
शशांक मनोहर के कार्यकाल में इमरान ख्वाजा ICC बोर्ड को डेमोक्रेटाइज करने की कोशिशों के पीछे एक ड्राइविंग फ़ोर्स के तौर पर उभरे. इमरान ख्वाजा उथल-पुथल के समय में भी ICC को मजबूत पिलरों में से एक रहे हैं. जब मनोहर ने 2020 में पद छोड़ा, तो उन्होंने अंतरिम चेयरमैन के तौर पर पद संभाला और कोरोना से बिगड़े खेल कैलेंडर में ऑर्गनाइज़ेशन को गाइड किया.

इमरान ख्वाजा ने कैसे खेला यह खेल?

इस बार भी जब पेच फंसा तो आईसीसी ने इमरान ख्वाजा को ही आगे किया. वे लाहौर पहुंचे. गद्दाफी स्टेडियम में मोहसिन नकवी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम से 6 घंटे की मीटिंग की. बातचीत शांत और सकारात्मक रही. ख्वाजा ने नफा-नुकसान समझाया. क्रिकेट को राजनीति से ऊपर रखने की हिदायत दी. उन्होंने बताया कि कैसे इस एक मैच के न होने से सबका नुकसान होता. नकवी को दिमाग में उनकी बात आ गई. आखिरकार उनकी बात मानी गई. पाकिस्तान सरकार ने यू-टर्न लिया. उन्होंने बांग्लादेश, श्रीलंका, यूएई जैसे देशों से भी पाकिस्तान पर प्रेशर दिलवाया.

कौन हैं इमरान ख्वाजा

वे सिंगापुर क्रिकेट एसोसिएशन के पुराने अध्यक्ष हैं. 2008 से आईसीसी बोर्ड में हैं. 2017 से डिप्टी चेयरमैन हैं. जय शाह चेयरमैन हैं, लेकिन ख्वाजा उनके सबसे भरोसेमंद साथी हैं. जब भी कोई विवाद होता है आईसीसी ख्वाजा को ही याद करता है. ख्वाजा सबको साथ लेते हैं. भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश…सब उन पर भरोसा करते हैं. इस बार भी उन्होंने बिना किसी को नाराज किए मैच बचा लिया.



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