बेतवा नदी के कैचमेंट क्षेत्र में जंगल काटकर खेती करने और उद्गम स्थल (गौमुख) पर भूजल पंप लगाकर पानी निकालने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। मंगलवार को इस मुद्दे पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा से उनके निवास पर मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। दोनों मंत्रियों ने माना कि बेतवा के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही गतिविधियां पर्यावरण और नदी के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा हैं। जंगल कटने से न केवल भूजल स्तर प्रभावित होगा, बल्कि भविष्य में नदी के सूखने का जोखिम भी बढ़ेगा। जल संसाधन मंत्री ने वन विभाग के अपर मुख्य सचिव से फोन पर बात कर नियमों के तहत तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बेतवा के उद्गम स्थल पर लगे भूजल पंप से पानी निकालने पर तुरंत रोक लगाने के भी निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के बाद नदी संरक्षण के उपाय किए जाएंगे।
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