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Balaghat Hindi News: बालाघाट के जंगलों से नक्सलवाद खत्म हो चुका है और शिक्षावाद शुरु हो रहा है. हमेशा खंडहर भवन और टपकती छतों की खबरें आती थी. लेकिन फंड की कमी के चलते स्कूल जस के तस रह जाते थे. लेकिन अब पुलिस की एक मुहिम चल रही है, जिसके चलते स्कूलों की तस्वीर बदल रही है. इस मुहिम में शासन नहीं बल्कि बालाघाट पुलिस ने इनके सुधारने का जिम्मा उठाया है. इसमें आम नागरिकों
अब से करीब दो महीने पहले जवानों के हाथों में हथियार हुआ करते थे और वह नक्सलियों से मुकाबला करते थे. लेकिन डेडलाइन से करीब चार महीना पहले बालाघाट से नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब तस्वीर बदल रही है. दरअसल, जो ग्रामीण जवानों को देख दूर जाया करते थे अब वही ग्रामीण पुलिस के साथ हंस बोल रहे हैं. साथ ही विकास की नई गाथा लिख रहे है. हथियारों से माओवादियों का सामना करने वाले जवान अब बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने की इबारत लिख रहे है. ऐसे में बालाघाट पुलिस ने विद्यांजलि योजना शुरू की है और स्कूलों का जीर्णोद्धार कर रही है.
बालाघाट के जंगलों से नक्सलवाद खत्म हो चुका है और शिक्षावाद शुरु हो रहा है. हमेशा खंडहर भवन और टपकती छतों की खबरें आती थी. लेकिन फंड की कमी के चलते स्कूल जस के तस रह जाते थे. लेकिन अब पुलिस की एक मुहिम चल रही है, जिसके चलते स्कूलों की तस्वीर बदल रही है. इस मुहिम में शासन नहीं बल्कि बालाघाट पुलिस ने इनके सुधारने का जिम्मा उठाया है. इसमें आम नागरिकों ने पहल की है और पुलिस को स्वेच्छा से राशि दी जा रही है.
जानिए क्या है पूरी पहल
बालाघाट पुलिस ने स्कूलों के जीर्णोद्धार करने के लिए विध्यांजलि अभियान शुरू किया है. इसके तहत स्कूलों में बदलाव के लिए अंशदान और श्रमदान किया जा रहा है. नक्सलियों से लड़ने वाले जवान अब हाथों में स्कूलों की मरम्मत करने वाले औजार लिए स्कूलों में श्रमदान कर रहे है. वहीं इसमें 39 लोग इसमें आर्थिक मदद कर रहे है. जिससे मरम्मत में आने वाली सामग्री खरीदी जा रही है. ऐसे में पुलिस ने 250 स्कूलों के जीर्णोद्धार करने की योजना बनाई है. इसमें 72 यूनिट लगातार स्कूलों पर नजर रख रही है.
एसपी आदित्य मिश्रा ने उठाया 20 स्कूलों का जिम्मा
बालाघाट रेंज के तत्कालीन आईजी संजय कुमार ने लोकल 18 को बताया था कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद पुलिस ने यह पहल शुरू की है. यह कम्युनिटी पुलिसिंग का हिस्सा है. इसी कड़ी में एसपी आदित्य मिश्रा और उनके परिवार ने 20 स्कूलों को गोद लिया है. यानी की सारी स्कूलों की मरम्मत के लिए सारी फंडिंग एसपी आदित्य मिश्रा और उनका परिवार कर रहा है.
नक्सल विचार धारा से दूर करना है मकसद
आम तौर पर देखा गया है कि जहां पर शिक्षा और विकास अभाव रहा है. उन्हीं इलाकों में नक्सलियों ने अपना ठिकाना बनाया है. ऐसे में नक्सलवाद के प्रभाव के कारण पीछे छूट गए है. ऐसे में बालाघाट पुलिस अब उन तस्वीरों को बदल रही है और विध्यांजलि के माध्यम से शिक्षा अलख जला रही है. इससे न सिर्फ युवा पीढ़ी का भटकाव होगा बल्कि उन्हें एक सही राह भी मिलेगी.