सीधी में एक ऐसा मंदिर, जिसकी दीवारें गाती हैं अध्यात्म रामायण; रोचक इतिहास

सीधी में एक ऐसा मंदिर, जिसकी दीवारें गाती हैं अध्यात्म रामायण; रोचक इतिहास


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Sidhi News: रामगोपाल मंदिर के पुजारी शत्रुघ्न दास ने लोकल 18 से कहा कि मंदिर की दीवारें स्वयं रामायण और महाभारत की कथा कहती प्रतीत होती हैं. विशेष रूप से अध्यात्म रामायण के श्लोकों को बहुत सुंदर ढंग से अंकित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र हैं.

सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी शहर के हृदय स्थल में स्थित अध्यात्म रामायण मंदिर क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यह मंदिर अपनी अनूठी विशेषता के कारण देशभर में अलग पहचान रखता है. यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसकी दीवारों पर संपूर्ण अध्यात्म रामायण की चौपाइयां, दोहे और छंद अंकित हैं. वर्ष 1989 में निर्मित यह मंदिर उसी परिसर में स्थित है, जहां प्राचीन रामगोपाल मंदिर बना हुआ है. मंदिर न केवल अपने धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है बल्कि इसकी भव्य वास्तुकला और बारीक नक्काशी भी लोगों को आकर्षित करती है. सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर सुंदर उद्यान से घिरा हुआ है, जो इसकी आभा को और बढ़ाता है. मंदिर की दीवारों पर पत्थरों में की गई शिल्पकारी भारतीय कला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती है. इन पत्थरों पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को सजीव रूप में उकेरा गया है, जिससे श्रद्धालु इतिहास और आध्यात्म का अनुभव एक साथ कर पाते हैं.

रामगोपाल मंदिर के पुजारी शत्रुघ्न दास ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि यहां की दीवारें स्वयं रामायण और महाभारत की कथा कहती प्रतीत होती हैं. विशेष रूप से अध्यात्म रामायण के श्लोकों को अत्यंत सुंदर ढंग से अंकित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं. यह मंदिर भगवान श्रीराम को समर्पित है. इसकी आधारशिला ब्रह्मलीन ब्रह्मर्षि स्वामी गोपाल दास महाराज द्वारा वर्ष 1989 में रखी गई थी. मंदिर परिसर में भगवान राम और माता सीता की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित हैं, जिनके दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. गोपाल दास महाराज की प्रतिमा भी मंदिर में स्थापित है, जिसका नित्य पूजन किया जाता है.

श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
पिछले 35 वर्षों से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां आने वाले भक्त न केवल भगवान राम के दर्शन करते हैं बल्कि मंदिर की दीवारों पर अंकित चौपाइयों और शिल्पकला को निहारते हुए आध्यात्मिक अनुभूति भी प्राप्त करते हैं. सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है. यह मंदिर सीधी की पहचान बन चुका है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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