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पाकिस्तान टीम में चौथे नंबर पर स्लॉट किए गए बाबर आज़म को कप्तान सलमान अली आगा और हेड कोच माइक हेसन ने मैदान पर नहीं भेजा. 31 वर्षीय बाबर को मूल रूप से ‘फेल-सेफ’ बल्लेबाज़ के तौर पर चुना गया था.
बाबर आजम की बीच मैदान उनके ही कप्तान ने कर दी बेइज्जती, खिलाया पर बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा
नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने आखिरी ग्रुप स्टेज मुकाबले में पाकिस्तान ने नामीबिया के सामने 200 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। ‘मेन इन ग्रीन’ के इतने बड़े स्कोर तक पहुंचने की एक बड़ी वजह यह रही कि कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर बाबर आज़म बल्लेबाज़ी करने नहीं भेजा गया. वर्ल्ड कप के पहले 3 मैचों में नंबर 4 पर खेलने वाले बाबर आज बेंच पर ही बैठे रह गए.
पाकिस्तान टीम में चौथे नंबर पर स्लॉट किए गए बाबर आज़म को कप्तान सलमान अली आगा और हेड कोच माइक हेसन ने मैदान पर नहीं भेजा. 31 वर्षीय बाबर को मूल रूप से ‘फेल-सेफ’ बल्लेबाज़ के तौर पर चुना गया था. उनसे उम्मीद थी कि वह नंबर चार पर आकर पारी को संभालेंगे और अगर टीम पर दबाव आए या शुरुआती विकेट जल्दी गिरें तो उसे स्थिरता देंगे. अतीत में पाकिस्तान को मिडिल ऑर्डर में इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
बीच मैच में बेंच पर बैठे रहे बाबर
नीदरलैंड और भारत के खिलाफ मुकाबलों में बाबर से उम्मीद के विपरीत प्रदर्शन देखने को मिला. नामीबिया के खिलाफ, जो सुपर-8 में पहुंचने के लिए पाकिस्तान के लिए ‘करो या मरो’ मुकाबला था, टीम को तेज शुरुआत मिली. ऐसे में हेड कोच और कप्तान ने रणनीतिक फैसला लेते हुए बाबर को बेंच पर ही रखने का निर्णय किया और उनकी जगह आक्रामक बल्लेबाज़ों को प्राथमिकता दी. दरअसल, पाकिस्तान ने 13वें ओवर में अपना दूसरा विकेट कप्तान आगा के रूप में गंवाया. उस समय टीम को रन गति बढ़ाने की जरूरत थी, न कि पारी को संभालने की. इसी कारण बाबर को नंबर चार पर नहीं भेजा गया और उनकी जगह ख्वाजा नफाय को प्रमोट किया गया. नफाय 5 गेंदों में 5 रन बनाकर ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए, लेकिन इसके बावजूद बाबर को नहीं उतारा गया. उनकी जगह शादाब खान को साहिबजादा फरहान का साथ देने भेजा गया.
काम कर गया बाबर को बाहर रखना
बाबर आजम भले ही इसे अपनी बेइज्जती मान रहे हो पर शादाब खान और साहिबजादा फरहान की जोड़ी ने बाकी के ओवर मिलकर खेले और 40 गेंदों में 81 रनों की साझेदारी करके टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचा दिया. साहिबजादा फरहान ने शानदार शतक जमाया और वह टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाले दूसरे पाकिस्तानी बल्लेबाज़ बन गए. उनसे पहले 2014 में अहमद शहजाद ने यह कारनामा किया था. इस रणनीतिक बदलाव ने पाकिस्तान को बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की और टीम ने नामीबिया के सामने 200 रनों की चुनौती पेश कर दी.