डिंडोरी अस्पताल में हड़ताल का नोटिस चस्पा: कर्मचारी बाहर निकले, CMHO बोले- एस्मा लागू है; जल्द सेवाएं बहाल होगी – Dindori News

डिंडोरी अस्पताल में हड़ताल का नोटिस चस्पा:  कर्मचारी बाहर निकले, CMHO बोले- एस्मा लागू है; जल्द सेवाएं बहाल होगी – Dindori News


डिंडोरी के जिला अस्पताल और इमरजेंसी वार्ड में शुक्रवार को स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल का एक नोटिस चस्पा किया गया।

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इससे कुछ समय के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद नोटिस हटा दिए गए और स्वास्थ्यकर्मी वापस काम पर लौट आए, जिससे सेवाएं बहाल हो गई।

इंजेक्शन के समय कर्मचारी नहीं मिले, मरीज परेशान

मढिया रास गांव से इलाज कराने आए मरीज शिव कुमार परमार ने अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा कि उनकी पर्ची काट दी गई थी और डॉक्टर ने जांच भी कर ली थी, लेकिन जब इंजेक्शन लगवाने की बारी आई तो वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। पूछने पर उन्हें बताया गया कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

मरीज बोले-इलाज के लिए डॉक्टर और नर्स नहीं

चांद रानी गांव से अपनी भाभी का इलाज कराने आए मनोज दुबे ने भी ऐसी ही स्थिति का सामना किया। उनकी भाभी को सीने में तेज दर्द था और वे 25 किलोमीटर दूर से आए थे। मनोज ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर या नर्स कोई नहीं था, केवल कुछ ट्रेनी छात्र ही मौजूद थे। उन्होंने तुरंत कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को फोन किया, जिन्होंने उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

संघ ने कहा- नोटिस किसने लगाया, जांच जारी

कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राजकुमार साहू ने इस नोटिस के बारे में अनभिज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन या हड़ताल जैसे किसी भी कदम से पहले सभी सदस्यों से सलाह ली जाती है और चर्चा की जाती है। उन्होंने बताया कि संघ यह पता लगा रहा है कि यह नोटिस किसने चस्पा किया था।

सीएमएचओ बोले- एस्मा लागू, हड़ताल नहीं संभव

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज पांडेय ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सुविधाएं बाधित नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा कि यदि कोई समस्या है, तो उसके समाधान के लिए अधिकारी मौजूद हैं।

डॉ. पांडेय ने यह भी बताया कि दो फार्मासिस्टों के निलंबन से संबंधित जांच रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय भेज दी गई है और इस पर जल्द ही निर्णय होने वाला है। उन्होंने जोर दिया कि एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) लागू है, जिसके तहत स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल नहीं कर सकते।



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