झाबुआ जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखा गया है, जिसने जनजीवन और कृषि को प्रभावित किया है। 18 फरवरी से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार रात भी जारी रहा। इस दौरान जिला मुख्यालय सहित मेघनगर और थांदला में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इस बेमौसम बरसात ने चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसमें फरवरी महीने के दौरान पहली बार किसी एक स्थान पर एक ही दिन में 20 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। पेटलावद में बारिश से कोहरा और ठंडक बढ़ी पेटलावद में 19-20 फरवरी के बीच हुई भारी बारिश ने मौसम विभाग का ध्यान आकर्षित किया है। जिले के अन्य हिस्सों में मेघनगर में 8 मिमी और थांदला में 6.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे ठंडक के साथ उमस और कोहरे का वातावरण बन गया। मौसम के इस बदलाव का सीधा असर तापमान पर पड़ा है। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री था, जो शनिवार को 5.6 डिग्री गिरकर 25.4 डिग्री पर आ गया। तापमान में उतार-चढ़ाव से सुबह से छाए घने कोहरे हालांकि, रविवार को यह फिर से बढ़कर 32.8 डिग्री पर पहुंच गया। तापमान में इस भारी उतार-चढ़ाव और सुबह के समय छाए घने कोहरे ने मॉर्निंग वॉक करने वालों और सामान्य यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। न्यूनतम तापमान भी 17.8 डिग्री से गिरकर 15.2 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर देखा गया है। बारिश के बाद किसान खेतों की फसलें सीधा कर रहे रविवार सुबह से निकली तेज धूप ने लोगों को थोड़ी राहत प्रदान की है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है और आने वाले दिनों में बादल छंट जाएंगे। इस पूर्वानुमान से किसानों को राहत मिली है, क्योंकि पिछले तीन-चार दिनों की बारिश और हवाओं के कारण खेतों में फसलें बिछ गई थीं। अब खेतों में नमी कम होने के बाद किसान अपनी आड़ी पड़ी फसलों को सीधा करने के प्रयास में जुट गए हैं।
Source link