इंदौर एयरपोर्ट पर बड़ी राहत! अप्रैल 2026 से पुराना टर्मिनल होगा चालू, जान लें सुविधाएं

इंदौर एयरपोर्ट पर बड़ी राहत! अप्रैल 2026 से पुराना टर्मिनल होगा चालू, जान लें सुविधाएं


इंदौर. शहर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तेजी से बढ़ते यात्री ट्रैफिक का सामना कर रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने पुराने टर्मिनल को फिर से चालू करने की योजना बनाई है. यह कदम अप्रैल 2026 से लागू होगा, जब पुराना टर्मिनल छोटे विमानों और शारजाह की अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. इससे प्रति घंटे 600 यात्रियों की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी, जो मौजूदा टर्मिनल पर दबाव कम करेगी. पिछले साल एयरपोर्ट ने 43.96 लाख यात्रियों को हैंडल किया, जबकि इसकी डिजाइन कैपेसिटी सिर्फ 40 लाख है. रेनोवेशन प्रोजेक्ट, जिसकी लागत 41 करोड़ रुपये है, 6,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है और इसमें सिविल वर्क पूरा हो चुका है.

देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर अब इंटीरियर रिनोवेशन चल रहा है, जिसमें नई सीटिंग, इमिग्रेशन काउंटर्स और फायर सेफ्टी सिस्टम शामिल हैं. यह बदलाव न केवल पैसेंजर्स की सुविधा बढ़ाएगा बल्कि इंदौर की आर्थिक वृद्धि को भी सपोर्ट करेगा, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अपग्रेड से एयरपोर्ट की रैंकिंग में सुधार होगा और यह मध्य प्रदेश का प्रमुख हब बनेगा. इसके अलावा, रनवे को 2,800 मीटर से 3,400 मीटर तक बढ़ाने की योजना है, जो बड़े विमानों को लैंड करने की अनुमति देगी. कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट शहर की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा.

पुराने टर्मिनल प्राेजेक्‍ट से सालाना 10 लाख अतिरिक्त यात्री 
इसके अलावा, पुराने टर्मिनल का रीओपनिंग सालाना 10 लाख अतिरिक्त यात्रियों को हैंडल करने की क्षमता प्रदान करेगा, जो मौजूदा 40 लाख से बढ़कर 50 लाख हो जाएगी. अप्रैल 2026 तक 200 नई सीट्स ऐड की जा रही हैं, ताकि पीक ऑवर्स में वेटिंग एरिया अधिक व्यवस्थित हो. एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनिल मुग्गीरवार ने बताया कि सभी अनुमतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें इमिग्रेशन, फायर सेफ्टी और अन्य रेगुलेटरी क्लियरेंस शामिल हैं. सांसद शंकर लालवानी ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात की और अप्रैल में इनॉगरेशन के लिए सहमति ली है. यह प्रोजेक्ट मूल रूप से अप्रैल 2024 में शुरू हुआ था, लेकिन अनुमतियों के कारण डिले हुआ और अब मार्च 2026 तक पूरा होगा.

हवाई यात्रियों को राहत मिलेगी 
देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर यह बदलाव पर्यावरण के अनुकूल भी है, क्योंकि ATR जैसे छोटे विमान कम ईंधन खपत करते हैं और कार्बन उत्सर्जन कम करते हैं. पैसेंजर्स के लिए यह राहत होगी, क्योंकि लंबी कतारें और भीड़ कम होगी. इंदौर, जो मध्य प्रदेश का व्यावसायिक केंद्र है, इससे बेहतर कनेक्टेड होगा, जिससे रोजगार और निवेश बढ़ेगा. फ्यूचर में, 492 करोड़ रुपये का नया टर्मिनल 2028 तक बनकर 1 करोड़ यात्रियों की क्षमता देगा. यह योजना एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाएगी.

पुराने टर्मिनल का रेनोवेशन और सुविधाएं
पुराना टर्मिनल, जो पहले बंद हो चुका था, अब ATR एयरक्राफ्ट के लिए आदर्श है क्योंकि इसकी ऊंचाई कम है और एयरोब्रिज की जरूरत नहीं पड़ती. 26 करोड़ रुपये की शुरुआती लागत से शुरू हुआ प्रोजेक्ट अब 41 करोड़ तक पहुंच गया है. सिविल स्ट्रक्चर में बदलाव के बाद इंटीरियर वर्क जैसे नई लाइटिंग, एयर कंडीशनिंग और सिक्योरिटी सिस्टम इंस्टॉल हो रहे हैं. इससे पैसेंजर्स को बेहतर वेटिंग एरिया मिलेगा.

उड़ानों का संचालन और क्षमता वृद्धि
शारजाह की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय उड़ान समेत करीब 18 छोटे विमान पुराने टर्मिनल से उड़ेंगे. इससे प्रति घंटे 600 यात्रियों की क्षमता बढ़ेगी और सालाना 10 लाख अतिरिक्त पैसेंजर्स हैंडल किए जा सकेंगे. वर्तमान में एयरपोर्ट 90 दैनिक फ्लाइट्स ऑपरेट करता है, जो 21 शहरों और शारजाह को कनेक्ट करता है.



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