बड़े-बड़े दावों और समयसीमा के बीच इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य अभी भी अधूरा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे इस स्टेशन पर जनवरी अंत तक कई महत्वपूर्ण काम पूरे करने का वादा किया गया था, लेकिन फरवरी के अंत तक भी जमीनी हकीकत अलग है। साइट पर अभी मुख्य रूप से अर्थवर्क (मिट्टी भरण और समतलीकरण) का काम चल रहा है, जबकि प्लेटफॉर्म निर्माण अधूरा है और ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में मार्च में स्टेशन से ट्रेन संचालन शुरू होने की संभावना काफी कम नजर आ रही है। अधिकारियों के अनुसार लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन के काम पूरे होने के बाद ही इंदौर के मुख्य रेलवे स्टेशन (इंदौर जंक्शन) का पुनर्विकास कार्य आगे बढ़ेगा। दरअसल, इंदौर से चलने वाली कई ट्रेनों का संचालन भविष्य में महू और लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से किया जाएगा, ताकि मुख्य स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके। खोखले साबित हुए दावे कुछ समय पहले सांसद के दौरे के दौरान रेलवे अधिकारियों ने दावा किया था कि जनवरी में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और फरवरी से ही सभी प्लेटफॉर्म पर ट्रेनें चलने लगेंगी। यहां तक कि फरवरी 2026 से स्टेशन को पूरी तरह ऑपरेशनल बनाने की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान स्थिति इस दावे के विपरीत तस्वीर पेश कर रही है। अमृत भारत योजना के अंतर्गत इस स्टेशन का विकास किया जा रहा है, जिसमें नई स्टेशन बिल्डिंग, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, कार्य में लगातार देरी से स्थानीय यात्रियों में निराशा है। रेलवे प्रशासन से अब स्पष्ट समयसीमा और तेजी से काम पूरा करने की उम्मीद की जा रही है, ताकि इंदौर के रेल यात्रियों को समय पर राहत मिल सके। वर्तमान में स्टेशन पर हैं तीन प्लेटफार्म
इंदौर-उज्जैन रेल सेक्शन पर सिंहस्थ में लगभग 300 ट्रेनों के संचालन की संभावना है। ऐसे में लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन यात्रियों की सुविधा और ट्रैफिक प्रबंधन दोनों में अहम भूमिका निभाएगा। वर्तमान में स्टेशन पर तीन प्लेटफार्म हैं, जबकि दो नए प्लेटफार्म निर्माणाधीन हैं। साथ ही दो अतिरिक्त रेलवे ट्रैक भी बिछाए जा रहे हैं, ताकि रेल यातायात सुगम हो सके। प्लेटफार्मों की लंबाई बढ़ाई जा रही है। इससे लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव आसानी से हो सकेगा।
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